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मल्हारगढ़। मल्हारगढ़ के समीप नीमच जिले के ग्राम कुचड़ौद जागीर, तहसील जीरन निवासी श्री निर्भय राम पिता केशुरामजी गायरी (81 वर्ष) पिछले 10 वर्षों से बाबा रामदेव की नगरी रुनीजा तक पैदल यात्रा कर रहे हैं।
निर्भय राम जी गांव के श्री देवनारायण मंदिर के पुजारी हैं और देवनारायण जी एवं बालाजी महाराज के आशीर्वाद तथा बाबा रामदेव के प्रति अटूट आस्था रखते हैं। इसी भक्ति और संकल्प के चलते उन्होंने लगातार 10 वर्षों तक पैदल रुनीजा पहुंचकर एक अनूठी मिसाल कायम की है।
अब वे 29 अगस्त 2026 को लगातार 11वीं बार पैदल यात्रा के लिए रवाना होंगे। 81 वर्ष की उम्र में भी उनकी श्रद्धा, आस्था और पैदल यात्रा का संकल्प क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
बाबा रामदेव के प्रति उनकी इस अटूट भक्ति और दृढ़ संकल्प को बारंबार नमन।
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नीमच माननीय मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप प्रदेश को नशामुक्त एवं युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार नीमच पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। नीमच पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक महोदय जिला नीमच श्री राजेश व्यास के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय श्रीमती हेमलता अग्रवाल के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी महोदय मनासा श्रीमती शाबेरा अंसारी के पर्यवेक्षण में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी एवं कठोर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है मुखबिर सूचना पर कंजार्डा पुलिस की त्वरित कार्रवाई इसी अभियान के अंतर्गत थाना प्रभारी महोदय मनासा निरीक्षक श्री निलेश अवस्थी के नेतृत्व में पुलिस चौकी कंजार्डा को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक बोलेरो कैम्पर वाहन में भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा भरकर* *तस्करी के उद्देश्य से ले जाया जा रहा है तथा उक्त वाहन की एक मोटरसाइकिल सवार द्वारा पायलटिंग की जा रही है मुखबिर सूचना को गंभीरता से लेते हुए कंजार्डा पुलिस टीम द्वारा तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया तथा सूचना के आधार पर संभावित मार्ग पर घेराबंदी एवं वाहन चेकिंग की कार्रवाई की गई। पुलिस टीम द्वारा पूरी सतर्कता एवं मुस्तैदी के साथ संदिग्ध बोलेरो कैम्पर एवं उसके आगे पायलटिंग कर रही मोटरसाइकिल को रोककर चेक किया गया।
वाहनों की तलाशी लेने पर बोलेरो कैम्पर में 21 कट्टों में कुल 4.24 क्विंटल (424 किलोग्राम) अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा भरा होना पाया गया। पुलिस द्वारा डोडाचूरा एवं परिवहन में प्रयुक्त वाहनों को विधिवत जप्त कर मौके से कुल 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया गिरफ्तार आरोपियों का विवरण 1. श्यामलाल पिता हजारीलाल गुर्जर, निवासी ग्राम तामोटी, थाना कुकड़ेश्वर 2. दशरथ पिता सूरजमल भील, निवासी ग्राम तामोटी, थाना कुकड़ेश्वर 3. रतन पिता भाना भील, निवासी ग्राम तामोटी, थाना कुकड़ेश्वर जप्तशुदा सामग्री 1.अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा — 21 कट्टों में कुल 4.24 क्विंटल (424 किलोग्राम 1. एक बोलेरो कैम्पर वाहन — अवैध मादक पदार्थ के परिवहन में प्रयुक्त 2. एक मोटरसाइकिल तस्करी के दौरान पायलटिंग में प्रयुक्त पुलिस द्वारा प्रकरण में डोडाचूरा की तस्करी से जुड़े लिंकेज की जानकारी जुटाई जा रही है, नीमच पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा मादक पदार्थों की तस्करी एवं इससे जुड़े अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी सराहनीय कार्य : थाना प्रभारी मनासा निरीक्षक श्री निलेश अवस्थी , चौकी प्रभारी कंजार्डा एवं टीम की सराहनीय भूमिका रही।
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उज्जैन। महाकाल मंदिर से नीमच ग्वालटोली श्री सोमेश्वर महादेव तक डाक कावड़ लाने वाले यदुवीर सेना के भोले भक्त सदस्यों का कृष्णाज ग्रुप ने अभिनंदन किया, जानकारी देते हुए कृष्णाज ग्रुप के एडमिन पवन कुंगर और यदुवीर सेना के हरीश यादव ने बताया कि नीमच जिले के ग्वालटोली क्षेत्र स्थित श्री सोमेश्वर महादेव मंदिर से जुड़े हुए यदुवीर सेना के यादव युवाओं ने उज्जैन श्री महाकालेश्वर मंदिर से नीमच ग्वालटोली श्री सोमेश्वर महादेव मंदिर तक ऐतिहासिक डाक कावड़ यात्रा निकाली।
यदुवीर सेना के जिला अध्यक्ष तेजू यादव और यात्रा संयोजक दुर्योधन यादव के नेतृत्व में लगभग 80 युवाओं ने उज्जैन के महाकाल मंदिर में दर्शन करने के पश्चात रामघाट श्री शिप्रा नदी से डाक कावड़ यात्रा 24 तारीख की रात्रि 2:35 से शुरू की जो कि लगातार यात्रा करने के पश्चात दोपहर 2:40 पर संपन्न हुई। डाक कावड़ यात्रा में सभी यादव समाज के युवक शामिल थे जो कि नीमच सहित आसपास के क्षेत्रों से आए थे। बताया गया कि डाक कावड़ का संकल्प क्षेत्र की खुशहाली और श्री सोमेश्वर महादेव मंदिर को केदारनाथ मंदिर की तर्ज पर भव्य स्वरूप में निर्माण करना है। डाक कावड़ यात्रा में जिला उपाध्यक्ष पिंकू यादव, लखन यादव, जीतू यादव सहित मौजूद यदुवीर सेना के सदस्यों का जय श्री कृष्णा का दुपट्टा उड़ा कर अभिनंदन कृष्णाज ग्रुप के सदस्यों ने किया । इस दौरान कृष्णाज ग्रुप के पवन कुंगर, संजय यादव, सुधीर सगर, मनीष जयंत, विकास भरंग, अभिषेक भरंग, लाला रामदयाल व्यास, सूरज खुआर, अमन भरंग और यदुवीर सेना के 50 से अधिक सदस्य मौजूद रहे ।
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नीमच। नीमच के घंटाघर, तिलक मार्ग ,नया बाजार, अग्रवाल पंचायत भवन, बारादरी चौराहा, फव्वारा चौक, फ्रूट मंडी, पटेल प्लाजा,कमल चौक, पुस्तक बाजार व आसपास के क्षेत्र में व्यवसाय करने वाले स्थानीय दुकानदारों और रहवासियों ने बुधवार की दोपहर नीमच केंट थाने पहुंचकर थाना प्रभारी श्री सौरभ शर्मा के नाम एक हस्ताक्षर युक्त लिखित सूचना देकर बताया कि आज 26 अगस्त को मुस्लिम धर्म के ईद मिलादुन्नबी पर्व पर निकाले गए जुलूस में अलग, अलग क्षेत्रों से भारी मात्रा में डीजे का उपयोग किया गया जिसमें ध्वनि विस्तारक यंत्रों का भरपूर दुरुपयोग हुआ है जिनके अत्यधिक शोर के कारण बाजार क्षेत्र के दुकानदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा शिकायतकर्ताओं ने बताया कि आज डीजे के संचालन कर्ताओं और पर्व के आयोजन से जुड़े लोगों ने प्रशासन की अनुमति का पालन न करते हुए शर्तों को नजर अंदाज करते हुए शहर में अनावश्यक रूप से लोगों को परेशान करने का कार्य किया है तथा जुलूस के दौरान जुलूस को एक-एक स्थान पर डेढ़ से 2 घंटे तक खड़ा रख तेज आवाज में ध्वनि प्रदर्शन किया गया है ।
तथा यह स्थिति मुस्लिम धर्म के धार्मिक स्थान जामा मस्जिद मार्ग से शुरू होकर पूरे जुलूस मार्ग पर देखने को मिली है जहां फव्वारा चौक से 40 नंबर चौराहे तक एक तरफा चलते ट्रैफिक को भी बाधित किया गया ।
शिकायतकर्ता शहर के नया बाजार,फव्वारा चौक क्षेत्र के दुकानदारों ने कहा है कि आमतौर पर जिला प्रशासन किसी भी पर्व पर शांति समिति की बैठक आयोजित कर नियमों का पाठ पढ़ाया जाता है। लेकिन यहां पूरी तरह से प्रशासन के आदेशों की अवहेलना की गई है
शिकायतकर्ताओं ने कैंट पुलिस को हस्ताक्षर युक्त लिखित शिकायत करते हुए कहा है कि गत वर्षो की तुलना में इस साल जुलूस में शामिल युवकों द्वारा जानबूझकर अशोभनीय नारेबाजी और डीजे के अधिक डेसीबल के प्रभाव से लोगों के मन मस्तिक पर मानसिक रूप से विपरीत असर हुआ है।
शिकायत कर्ताओं ने कहा कि आज जिस प्रकार प्रशासन की अनुमति पालन नहीं किया गया है इसको लेकर संबंधित डीजे संचालकों को और आयोजन कर्ताओं पर कार्रवाई होना चाहिए।
इस अवसर पर निर्मल देव नरेला, दिलीप छाजेड़, बाबूलाल नागदा,प्रदीप मेहता ,दशरथ पाटीदार, रवि बलानी, आकाश नागदा, राजकुमार सैनी, जीवन पारीक, सर्व विजय डोरिया, हर्ष रामनानी, कृष्ण कुमार सैनी, कीर्ति पटेल, पवन जैन ,अजय शर्मा, गोपाल नायक, सुनील गर्ग ,मनीष सोनी, सहित बारादरी, पटेल चल घंटाघर बाजार पुस्तक बाजार कमल चौक फ्रूट मार्केट और फवारा चौक के स्थानीय दुकानदारों के अलावा रहवासी क्षेत्र के लोग उपस्थित थे ।
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नीमच के लिए सांदीपनि विद्यालय की आवश्यकता से शायद ही कोई असहमति हो। शहर के बच्चों को बेहतर शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ऐसे संस्थान की जरूरत है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या एक आवश्यक शैक्षणिक परियोजना के लिए शहर के उपलब्ध खेल मैदान को समाप्त करना ही एकमात्र रास्ता है?
नीमच के नागरिकों के सामने आज यही गंभीर प्रश्न खड़ा है। शिक्षा जरूरी है, लेकिन खेल भी उतना ही जरूरी है। विद्यालय चाहिए, लेकिन शहर के बच्चों और युवाओं से खेल का मैदान छीनकर नहीं। विकास चाहिए, लेकिन ऐसा विकास नहीं जो आने वाली पीढ़ियों के लिए शहर की मूलभूत सुविधाओं को ही खत्म कर दे।
एक जमीन, दो जरूरतें और भविष्य का सवाल
यदि किसी खेल मैदान की जमीन पर विद्यालय बनाने की योजना आगे बढ़ती है तो तत्काल यह निर्णय सुविधाजनक दिखाई दे सकता है, लेकिन इसके दूरगामी प्रभावों पर गंभीरता से विचार करना जरूरी है।
आज नीमच की बालिकाएं, युवा, विद्यार्थी, खिलाड़ी और विभिन्न आयु वर्ग के नागरिक खेल गतिविधियों के लिए मैदानों पर निर्भर हैं। क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, एथलेटिक्स सहित अनेक खेलों के लिए पर्याप्त खुले स्थान पहले ही सीमित हैं। ऐसे में उपलब्ध मैदान को खत्म करना केवल एक जमीन का उपयोग बदलना नहीं होगा, बल्कि शहर की खेल संस्कृति को कमजोर करने वाला कदम साबित हो सकता है। जिस मैदान में आज बच्चे खेल रहे हैं, कल वही मैदान शहर के खिलाड़ियों की पहचान बन सकता है।
ट्रैफिक का दबाव भी बनेगा बड़ी चुनौती
विद्यालय जैसी बड़ी संस्था का निर्माण केवल भवन खड़ा करने तक सीमित नहीं होता। उसके साथ प्रतिदिन आने-जाने वाले विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और वाहनों की संख्या भी बढ़ती है।
यदि प्रस्तावित स्थान पहले से ही व्यस्त क्षेत्र में है तो विद्यालय शुरू होने के बाद सुबह और दोपहर के समय यातायात का दबाव बढ़ना स्वाभाविक है। पार्किंग, स्कूल बसों की आवाजाही, अभिभावकों के निजी वाहन और पैदल आने-जाने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अभी से गंभीर अध्ययन आवश्यक है।
आज जमीन का फैसला लिया जाएगा, लेकिन उसका असर आने वाले कई दशकों तक नीमच की यातायात व्यवस्था पर दिखाई दे सकता है।
जब शहर में दूसरी जमीनें उपलब्ध हैं तो विकल्प क्यों नहीं?
नीमच में ऐसी कई जमीनों को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं, जहां अतिक्रमण, अवैध कब्जे अथवा भूमि उपयोग को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। यदि वास्तव में शहर के पास सरकारी अथवा सार्वजनिक उपयोग की वैकल्पिक भूमि उपलब्ध है, तो प्रशासन को उसका व्यापक सर्वे कराना चाहिए।
क्यों न शहर की ऐसी जमीनों की पहचान की जाए जिन पर अवैध कब्जे हैं?
क्यों न सरकारी भूमि का रिकॉर्ड खंगालकर ऐसी जमीन निकाली जाए जो लंबे समय से अनुपयोगी पड़ी है? क्यों न भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन को शिक्षा जैसी जनहितकारी परियोजना के लिए उपयोग किया जाए?
यदि सरकार और प्रशासन दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाएं तो विद्यालय के लिए नई जमीन और खेल मैदान के संरक्षण—दोनों लक्ष्यों को साथ लेकर चलने का रास्ता निकाला जा सकता है।
राजनेताओं से दूरदर्शिता की अपेक्षा
यह मुद्दा किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध का नहीं, बल्कि नीमच के भविष्य का मुद्दा है। राजनेताओं और जनप्रतिनिधियों की वास्तविक परीक्षा केवल आज की समस्या का समाधान करने में नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की जरूरतों को पहले से समझने में होती है।
आज यदि मैदान समाप्त कर दिया गया तो हो सकता है कि कुछ वर्षों बाद शहर को यह महसूस हो कि बच्चों के लिए खेल का पर्याप्त स्थान ही नहीं बचा। उस समय नया मैदान बनाने के लिए जमीन कहां से आएगी?
शहर का विस्तार लगातार हो रहा है। जमीन सीमित है। आबादी बढ़ रही है। यातायात बढ़ रहा है। ऐसे में जो खुले स्थान आज हमारे पास हैं, उनकी कीमत आने वाले समय में और बढ़ेगी। खुले मैदान एक बार खत्म हो जाएं तो उन्हें दोबारा बनाना आसान नहीं होता।
नीमच को शिक्षा भी चाहिए और खेल भी
सांदीपनि विद्यालय का विरोध समाधान नहीं है। बल्कि मांग यह होनी चाहिए कि विद्यालय भी बने और खेल मैदान भी सुरक्षित रहे। सरकार यदि शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाना चाहती है तो नीमच के नागरिक उसका स्वागत करेंगे। लेकिन इस परियोजना के लिए ऐसा स्थान चुना जाए जहां भविष्य में ट्रैफिक, पार्किंग, पर्यावरण और खेल सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
जरूरत इस बात की है कि प्रशासन विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, खिलाड़ियों, नगर नियोजन विशेषज्ञों और स्थानीय नागरिकों के साथ बैठकर विकल्पों पर विचार करे।
यह सिर्फ मैदान की जमीन नहीं, नीमच की आने वाली पीढ़ियों का अधिकार है, आज निर्णय लेने वालों के सामने एक आसान रास्ता हो सकता है—उपलब्ध मैदान की जमीन ले ली जाए और परियोजना शुरू कर दी जाए।
लेकिन दूरदर्शी रास्ता कठिन होता है।
दूरदर्शिता यह होगी कि सांदीपनि विद्यालय के लिए ऐसी जमीन खोजी जाए जहां विद्यालय का भव्य भविष्य बने और नीमच का खेल भविष्य भी सुरक्षित रहे। शहर को शिक्षा चाहिए,
शहर को खेल चाहिए, शहर को बेहतर यातायात व्यवस्था चाहिए, शहर को खुले स्थान चाहिए।
और सबसे बढ़कर शहर को ऐसे निर्णय चाहिए जिनका असर केवल आज नहीं, बल्कि अगले 25–50 वर्षों तक सकारात्मक रहे।
सवाल सांदीपनि विद्यालय के बनने या न बनने का नहीं है। सवाल यह है कि क्या हम नीमच के विकास की ऐसी तस्वीर बना सकते हैं जिसमें विद्यालय भी हो और खेल मैदान भी?
नीमच के पास जमीन का सवाल है, लेकिन उससे बड़ा सवाल दूरदृष्टि का है।
क्या शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधि ऐसा रास्ता निकालेंगे जिसमें शिक्षा की सौगात भी मिले और नीमच के बच्चों का खेल का मैदान भी बचा रहे। यही फैसला आने वाले समय में तय करेगा कि आज लिया गया निर्णय केवल एक भवन निर्माण था या वास्तव में नीमच के भविष्य की सोच।
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नीमच, 20 अगस्त 2026। जिले के युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और कौशल विकास के अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, नीमच द्वारा आज टाउन हॉल, दशहरा मैदान में जिला स्तरीय युवा संगम कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के लिए 1458 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया, जबकि रोजगार मेले में 788 युवा उपस्थित हुए। विभिन्न कंपनियों द्वारा आयोजित चयन प्रक्रिया में 467 युवाओं का रोजगार के लिए प्रारंभिक चयन, 12 युवाओं का अप्रेंटिसशिप के लिए चयन किया गया तथा 5 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में विधायक नीमच श्री दिलीपसिंह परिहार, विधायक जावद श्री ओमप्रकाश सकलेचा, विधायक मनासा श्री अनिरुद्ध मारू तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अमन वैष्णव उपस्थित रहे।
युवाओं को रोजगार के साथ स्वरोजगार के अवसरों की दी जानकारी
युवा संगम का उद्देश्य जिले के युवाओं को उनकी रुचि, योग्यता एवं कौशल के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम में वित्तीय वर्ष 2026-27 में उपलब्ध रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों तथा जिले में औद्योगिक विकास की संभावनाओं की जानकारी युवाओं को दी गई।
विधायक श्री दिलीपसिंह परिहार ने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता, काम छोटे से ही बड़ा होता है। उन्होंने युवाओं से उपलब्ध रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों का अधिकाधिक लाभ लेने का आह्वान किया।
विधायक श्री ओमप्रकाश सकलेचा ने जिले में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने तथा औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार को महत्वपूर्ण बताया। विधायक श्री अनिरुद्ध मारू ने भी युवाओं को रोजगार एवं औद्योगिक कौशल के अनुरूप प्रशिक्षण के अवसरों का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण पर जोर
कार्यक्रम में युवाओं के कौशल विकास को रोजगार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। बताया गया कि युवाओं को उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए आईटीआई एवं पॉलीटेक्निक महाविद्यालयों में कौशल प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाना आवश्यक है। उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण एवं पाठ्यक्रम तैयार होने से युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।
स्वरोजगार योजनाओं से युवाओं को मिल रहा संबल
युवा संगम में रोजगार के साथ स्वरोजगार के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, संत रविदास स्वरोजगार योजना एवं पीएम स्वनिधि योजना के हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। इससे युवाओं एवं हितग्राहियों को स्वयं का रोजगार स्थापित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला।
10 कंपनियों ने युवाओं को उपलब्ध कराए रोजगार के अवसर
रोजगार मेले में 10 कंपनियों ने सहभागिता की। इनमें एमआरएफ टायर, अल्ट्राटेक सीमेंट, अजंली विलामार, एमएसएस सोलरपावर, मालवा पॉलीटेक्निक्स, एचडीबी फाइनेंस, एलएंडटी, सोना साईलेंस, राजराजा इंडिया एवं इलेक्टिक शामिल रहीं। कंपनियों के प्रतिनिधियों द्वारा युवाओं की चयन प्रक्रिया संपन्न की गई।
कार्यक्रम में जिला रोजगार कार्यालय द्वारा रोजगार एवं अप्रेंटिसशिप से संबंधित योजनाओं एवं अवसरों की जानकारी दी गई। साथ ही उपस्थित युवाओं को विभिन्न विभागों द्वारा संचालित रोजगार, स्वरोजगार एवं बीमा योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई।
युवा संगम ने जिले के युवाओं को रोजगार से जोड़ने, कौशल को अवसर में बदलने और स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए एक प्रभावी मंच उपलब्ध कराया। कार्यक्रम में युवाओं की सहभागिता और रोजगार मेले में हुए चयन से जिले में युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को गति मिली।
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नीमच, 20 अगस्त 2026। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने बुधवार को जिला दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र पहुंचकर दिव्यांग बच्चों के लिए सीएसआर के माध्यम से स्थापित नए मिनी जिम एवं थैरेपी सेंटर का फीता काटकर शुभारंभ किया। उन्होंने केंद्र में उपस्थित दिव्यांग बच्चों एवं उनके परिजनों से चर्चा कर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली तथा केंद्र को और अधिक उपयोगी एवं सुविधायुक्त बनाने के संबंध में सुझाव भी प्राप्त किए।
कलेक्टर श्री चंद्रा ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए बेहतर पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें नए कौशल प्रदान करना आवश्यक है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर सम्मानजनक जीवन जी सकें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन द्वारा भविष्य में भी केंद्र में आवश्यकतानुसार और बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
मिनी जिम एवं थैरेपी सेंटर के शुभारंभ के बाद कलेक्टर ने जिला दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र तथा रेडक्रॉस सोसायटी परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यालयीन कक्षों सहित केंद्र में संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने सिलाई प्रशिक्षण के लिए स्थापित सिलाई मशीनों का अवलोकन किया तथा बच्चियों द्वारा सीखे जा रहे सिलाई कार्य और उनके कौशल को देखा। उन्होंने बच्चों को दिए जा रहे प्रशिक्षण की सराहना करते हुए कौशल विकास की गतिविधियों को और प्रभावी एवं अन्य नए कौशलों का प्रशिक्षण देने की बात कही।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री चंद्रा ने भवन की स्थिति का जायजा लेते हुए बरसात के कारण होने वाले सीपेज को रोकने के लिए छत की आवश्यक मरम्मत शीघ्र कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बरसात के बाद भवन के बाहरी हिस्से में पेंटिंग कराने तथा कमरों में तीन दिन के भीतर पेंटिंग कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। साथ ही फ्लोरिंग का कार्य भी जल्द शुरू कराने को कहा।
उन्होंने परिसर में साफ-सफाई, व्यवस्थाओं और सामग्री के सुव्यवस्थित रख-रखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, ताकि दिव्यांगजनों एवं बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिल सके।
कलेक्टर ने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि दिव्यांगजनों को केवल पुनर्वास सुविधाएं ही नहीं, बल्कि शिक्षा, प्रशिक्षण एवं रोजगार से जुड़े ऐसे अवसर भी उपलब्ध कराए जाएं, जिनसे वे अपनी क्षमताओं का विकास कर आत्मनिर्भर बन सकें।
निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री अमन वैष्णव, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री अरविंद डामोर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी. प्रसाद, सिविल सर्जन डॉ. महेंद्र पाटिल, रेडक्रॉस सोसायटी सचिव श्री स्वप्निल वाधवा सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी एवं केंद्र का स्टाफ उपस्थित रहा।
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नीमच।
माननीय मुख्यमंत्री महोदय एवं पुलिस महानिदेशक महोदय मध्यप्रदेश द्वारा अवैध मादक पदार्थो, मादक पदार्थ तस्करों, शराब एवं नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को अभियान चलाया जाकर कार्यवाही हेतु निर्देश दिये गये है।
नीमच पुलिस द्वारा पुलिस अधीक्षक महोदय श्री राजेश व्यास के निर्देशन में अवैध मादक पदार्थो, मादक पदार्थ तस्करों, शराब एवं नशीले पदार्थों की तस्करी हेतु लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक महोदय श्री राजेश व्यास के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीमच श्रीमती हेमलता अग्रवाल एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस जावद श्री हर्ष राठौर के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी थाना जावद निरीक्षक मनोज सिंह जादौन के नेतृत्व में नयागांव पुलिस टीम द्वारा अवैध शराब की तस्करी एवं परिवहन के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए 20 लाख 10 हजार रूपयें मुल्य की 335 पेटी (3015 लीटर) अंग्रेजी अवैध शराब जप्त करने मे सफलता प्राप्त की गई है।
*घटना का संक्षिप्त विवरण*:- दिनांक 18.08.2026 की रात्रि को नयागांव पुलिस को अवैध शराब के परिवहन की सूचना प्राप्त होने पर नीमच-निम्बाहेड़ा फोरलेन हाईवे रोड जावद चौराहा पर तलाशी के दौरान संदिग्ध टाटा कंपनी का ट्रक क्रमांक GJ10TT5246 की विधिवत तलाशी ली गई। ट्रक की तलाशी के दौरान ट्रक के डाले मे से कुल डेन्जर कंपनी की विस्की 120 पेटी व डीएसपी ब्लेक विस्की 215 पेटी कुल 335 पेटी अग्रेजी शराब को नियमानुसार जप्त किया जाकर ट्रक क्रमांक GJ10TT5246 के चालक के विरूद्ध थाना जावद पर अपराध क्रमांक 376/2026 धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। प्रकरण में अवैध शराब के स्रोत एवं तस्करी नेटवर्क से संबंधित पहलुओं की जांच जारी है।
*जप्त मश्रुका*:-
1- 335 पेटी (3015 लीटर) अंग्रेजी शराब अनुमानित कीमत 20,10,000 रूपये
2- टाटा कंपनी का ट्रक क्रमांक GJ10TT5246अनुमानित कीमत 10,00,000 रूपये
3- मोबाइल फोन एवं अन्य वाहन से संबंधित दस्तावेज।
*महत्वपूर्ण योगदान*:- उपरोक्त सराहनीय कार्यवाही में थाना प्रभारी थाना जावद एवं नयागांव पुलिस टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
पुलिस अधीक्षक महोदय श्री राजेश व्यास द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जिले में मादक पदार्थ तस्करों, अवैध मादक पदार्थ, अवैध शराब, जुआ-सट्टा एवं अन्य अवैध गतिविधियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही लगातार जारी रहेंगी।
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नीमच।
माननीय मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश शासन डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप प्रदेश को नशामुक्त बनाने तथा युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार राज्य स्तरीय नशा मुक्ति अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय जिला नीमच, श्री राजेश व्यास के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय श्रीमती हेमलता अग्रवाल व अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) मनासा, श्रीमती शाबेरा अंसारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी मनासा, निरीक्षक श्री निलेश अवस्थी के नेतृत्व में मनासा पुलिस टीम को बड़ी सफलता मिली है ।
मनासा पुलिस टीम द्वारा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने हेतु मुखबीर सूचना के आधार पर कार्यवाही करते हुये महज 48 घंटे के भीतर दो पृथक-पृथक प्रकरणों में पाँच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कुल 117.54 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा जब्त किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर पुलिस रिमांड प्राप्त की गयी है । रिमांड अवधि के दौरान आरोपियों से मादक पदार्थ के क्रय-विक्रय (लाने व ले जाने) तथा अवैध तस्करी के मुख्य स्रोतों एवं नेटवर्क के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है ।
*घटना का संक्षिप्त विवरण*-
*प्रथम कार्यवाही (दिनांक 18.08.2026)*:
मुखबीर की सटीक सूचना के आधार पर आरोपी 1.सोमदत्त उर्फ सोमू पिता सुखजीत कुमार नायक व 2. सरबजीत सिह उर्फ बबु पिता जगसीर सिह सीख को घेराबंदी कर पकड़ा गया । आरोपी के कब्जे में मौजूद बैगो से 59.740 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा बरामद हुआ । आरोपी को गिरफ्तार कर धारा 8/15, 29 NDPS एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया । व फरार आरोपी सुरजी सिंह निवासी जलालाबाद पंजाब की तलाश जारी है ।
*द्वितीय कार्यवाही (दिनांक 19.08.2026)*:
मुखबीर की सूचना पर कार्यवाही करते हुए आरोपी 1. सतनाम सिह पिता शेरसिह 2 राजबिंदर सिह पिता लालसिह 3. राजप्रित सिह उर्फ टिनू पिता जरनेल सिह को हिरासत में लिया गया । आरोपियों के कब्जे वाले बेगो से 57.800 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा जब्त कर धारा 8/15 NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया उक्त तीनो आरोपी डोडाचुरा स्वयं के उपयोग के लिये ले जा रहे थे । मादक पदार्थ के क्रय-विक्रय के स्त्रोतो के संबंध मे पूछताछ की जा रही है ।
*जब्तशुदा मशरूका (बरामद माल)*:
*अवैध मादक पदार्थ*: 117.54 किलोग्राम डोडाचूरा कुल अनुमानित मूल्य: ₹ 310000/-
*मोबाइल फोन*: 04 एंड्रॉइड स्मार्टफोन, कुल मूल्य: ₹ 84100/-
*कुल जप्त माल का मूल्य*: ₹ 3,94,100/-
*गिरफ्तार आरोपी* - 01. सोमदत्त उर्फ सोमू पिता सुखजीत कुमार निवासी शतीर वाला थाना खुईखेडा जिला फजिल्का पंजाब ।
02.सरबजीत सिह उर्फ बबु पिता जगसीर सिह निवासी हीरावली थाना खुईखेडा जिला फजिल्का पंजाब ।
3. सतनाम सिह पिता शेरसिह रायसिख निवासी अहालपूर थाना सतूरगर जिला मनसा पंजाब ।
4. राजबिंदर सिह पिता लालसिह निवासी अहालपूर थाना सतूरगर जिला मान्सा पंजाब ।
05.राजप्रित सिह उर्फ टिनू पिता जरनेल सिह निवासी गांव दस एमडी तहसील अनूपगढ जिला श्री गंगानगर राजस्थान ।
*फरार आरोपी* - सुरजी सिंह निवासी जलालाबाद पंजाब ।
*सराहनीय भुमिका* - उक्त त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही मे निरीक्षक निलेश अवस्थी व उनकी टीम की सराहनीय भुमिका रही।
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नीमच, 20 अगस्त 2026, कलेक्टर एवं जिला रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष श्री हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं प्रशासक श्री अमन वैष्णव एवं सहायक प्रशासक श्री अरविंद डामोर के निर्देशन में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, नीमच द्वारा 19 अगस्त को सीपीआर एवं फर्स्ट एड प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कनावटी स्थित होटल सनराइज ग्रांट में आयोजित प्रशिक्षण में जिले की 113 औद्योगिक एवं अन्य इकाइयों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर आपात स्थिति में जीवन बचाने की तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
प्रशिक्षण में हृदय रोग विशेषज्ञ एवं कार्डियोलॉजिस्ट डॉ.बी.एल.जड़िया ने प्रतिभागियों को सीपीआर एवं फर्स्ट एड की विभिन्न तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने डमी के माध्यम से सीपीआर देने की सही प्रक्रिया का प्रदर्शन करते हुए बताया कि आपात स्थिति में किस प्रकार तत्काल और प्रभावी प्राथमिक सहायता प्रदान की जा सकती है। विभिन्न संस्थानों एवं औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों से भी सीपीआर की तकनीक का प्रायोगिक अभ्यास कराया गया।
कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने भी प्रशिक्षण में सहभागिता करते हुए सीपीआर की तकनीक सीखी और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि सीपीआर एवं फर्स्ट एड की जानकारी प्रत्येक व्यक्ति के लिए उपयोगी है। आपात स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे समय में सही तरीके से दी गई प्राथमिक सहायता और सीपीआर किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कलेक्टर श्री चंद्रा ने कहा कि सीपीआर एवं फर्स्ट एड का प्रशिक्षण केवल संस्थानों और कार्यस्थलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे घर-घर और गांव-गांव तक पहुंचाने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों को प्रशिक्षित कर कुशल सीपीआर देने वालों की संख्या बढ़ाने तथा नियमित रूप से प्रशिक्षण एवं कार्यशालाएं आयोजित करने पर जोर दिया, ताकि आम नागरिक भी आपात परिस्थितियों में प्रभावी प्राथमिक सहायता प्रदान कर सकें।
भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव डॉ.स्वप्निल वाधवा ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों, होटल व्यवसायियों, होमगार्ड एवं अन्य संस्थानों के प्रतिनिधियों को फर्स्ट एड एवं सीपीआर का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम शाम 3 से 5 बजे तक आयोजित किया गया।
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नीमच।केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) की मध्य प्रदेश इकाई ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी स्ट्राइक की है। 18 और 19 अगस्त की दरमियानी रात नीमच, चित्तौड़गढ़ और मंदसौर-जावरा मार्ग पर बैक-टू-बैक 3 अलग-अलग कार्रवाइयों में 15 क्विंटल से अधिक पोस्ता भूसा और करीब 25 हजार नशीली गोलियां जब्त की गईं। टीम ने 3 तस्करों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी फरार होने में कामयाब रहा।
1. नीमच: कार से 24,895 नशीली गोलियां बरामद
भरभड़िया-नीमच मार्ग पर सीबीएन की संयुक्त टीम ने टाटा पंच कार को घेराबंदी कर रोका। तलाशी में कार से दो बक्सों में रखी एल्प्राजोलम और ट्रामाडोल की 24,895 प्रतिबंधित टैबलेट मिलीं। मौके से 1 तस्कर गिरफ्तार किया गया।
2. चित्तौड़गढ़: बलेनो से 64 किलो पोस्ता भूसा पकड़ा
मिरचखेड़ी-मंगलवाड़ मार्ग पर बलेनो कार से 5 बोरियों में भरा 64.840 किलो पोस्ता भूसा जब्त किया गया। कार की पायलटिंग कर रहा पैशन प्रो बाइक सवार अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया, जबकि कार चालक को टीम ने धर दबोचा।
3. मंदसौर: इंडियन ऑयल टैंकर के सीक्रेट केबिन में मिला 14 क्विंटल डोडा चूरा
मंदसौर-जावरा रोड पर राजस्थान नंबर के इंडियन ऑयल टैंकर को रुकवाया गया। टैंकर में लोहे की शीट और जाली के नीचे बनाए विशेष गुप्त केबिन से 71 बोरियों में छिपाकर रखा 1,432.680 किलो पोस्ता भूसा मिला। भाग रहे टैंकर ड्राइवर को अफसरों ने खदेड़कर दबोच लिया।
कार्रवाई का शतक: इस कार्रवाई के साथ ही सीबीएन एमपी यूनिट ने इस साल 101 केस दर्ज कर लिए हैं। लगातार चौथे साल 100 से अधिक प्रकरणों का रिकॉर्ड बना है। अब तक 4 अवैध ड्रग फैक्ट्रियां ध्वस्त की जा चुकी हैं और 158 तस्करों को जेल भेजा गया है।
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नीमच माननीय मुख्यमंत्री महोदय म.प्र. शासन व श्रीमान डीजीपी महोदय म.प्र. के द्वारा अवैध मादक पदार्थ तस्करी एवं नशे के विरुद्ध चलाये जा रहे प्रदेश व्यापी विशेष अभियान के तहत व श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय श्री राजेश व्यास के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदया श्रीमति हेमलता अग्रवाल एवं नपुअ महोदया सुश्री किरण चौहान के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी नीमच सिटी निरी. विजय सागरिया के नेतृत्व मे पुलिस टीम थाना नीमच सिटी द्वारा प्रभावी कार्यवाही कर अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा का परिवहन करते एक आर्टिगा कार को रोककर 03 आरोपीयो को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है घटना का विवरण पुलिस थाना नीमच सिटी द्वारा दिनांक 18.08.26 की रात्रि में नीमच मनासा रोड, थाने के सामने स्थान पर संदिग्ध वाहनो की चैंकिग / नाकाबंदी की जाकर एक सफेद रंग की आर्टिगा कार क GJ15CH5412 को मय पंचानो व फोर्स की मदद से रोककर उसकी तलाशी के दौरान आरोपीयो के कब्जे वाली कार में भरे 02 काले रंग के प्लास्टिक के कट्टो मे भरा कुल 40 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ अफीम का डोडाचूरा आरोपीयो कृष्णपाल सिह उर्फ राहुल पिता भारत सिह झाला जाति राजपुत उम्र 27 साल निवासी ग्राम सोकडी थाना जीरन जिला नीमच व रघुवीर उर्फ रघु पिता भंवर सिह सोलकी उम्र 35 साल निवासी ग्राम पिपलिया नाथावत थाना नीमच सीटी जिला नीमच व देवी सिह पिता पुरण सिह सोलंकी उम्र 32 साल निवासी पिपलिया नाथावत थाना नीमच सीटी से विधिवत समक्ष पंचान जप्त किया गया तथा आरोपीयो को विधिवत गिरफ्तार किया गया व मौके पर की गई कार्यवाही पूर्ण कर, थाना नीमच सिटी पर अपराध धारा 8/15 एनडीपीएस एक्ट का पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया व गिरफ्तार आरोपीयो से अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा के स्त्रोतो के संबंध में पूछताछ की जा रही है नाम गिरफ्तार आरोपीः 01 कृष्णपाल सिह उर्फ राहुल पिता भारत सिह झाला जाति राजपुत उम्र 27 साल निवासी ग्राम सोकडी थाना जीरन जिला नीमच 02 रघुवीर उर्फ रघु पिता भंवर सिह सोलकी उम्र 35 साल निवासी ग्राम पिपलिया नाथावत थाना नीमच सीटी जिला नीमच 03 देवी सिह पिता पुरण सिह सोलंकी उम्र 32 साल निवासी पिपलिया नाथावत थाना नीमच सीटी जप्त मनुकाः- 01. अवैध मादक पदार्थ अफीम डोडाचूरा 40 किलोग्राम किमती 06 लाख रूपये। 02 एक आर्टिगा कार क GJ15CH5412 कीमती 06 लाख रुपये। 03 दो मोबाईल फोन कीमती 10000 रूपये। कुल मिला मश्रुका कीमती 12 लाख 10 हजार रुपये सराहनीय कार्य उक्त कार्य में निरीक्षक विजय सागरिया थाना प्रभारी थाना नीमच सिटी एव थाना टीम व सायबर सेल नीमच का सराहनीय योगदान रहा।
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जावद/नीमच /अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जावद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 20 ग्राम एमडी ड्रग्स एवं 12 किलोग्राम अवैध अफीम डोडाचूरा बरामद किया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक ऑडी कार, मोबाइल फोन एवं अन्य सामग्री सहित करीब 17 लाख 64 हजार रुपये का मशरूका भी जप्त किया है यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक जिला नीमच श्री राजेश व्यास के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती हेमलता अग्रवाल एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री हर्ष राठौर के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी जावद के नेतृत्व में जावद पुलिस टीम द्वारा की गई नाकाबंदी कर संदिग्ध ऑडी कार को पकड़ा पुलिस के अनुसार 16 अगस्त 2026 की रात्रि को थाना जावद पुलिस को अवैध मादक पदार्थों के परिवहन की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना पर पुलिस टीम ने नीमच-निम्बाहेड़ा फोरलेन हाईवे पर रेस्टोरेंट/भारत होटल के पास नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग शुरू की इसी दौरान पुलिस ने संदिग्ध ऑडी कार क्रमांक HR 70 G 8823 को रोककर विधिवत तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन एवं आरोपियों के कब्जे से पारदर्शी प्लास्टिक की थैली में पैक 20 ग्राम एमडी ड्रग्स, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2 लाख रुपये, बरामद हुई। इसके अलावा एक प्लास्टिक के कट्टे में रखा 12 किलोग्राम अफीम डोडाचूरा, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 36 हजार रुपये, भी पुलिस ने जप्त किया दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मौके से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 1. मोहम्मद अकरम पिता आजाद मोहम्मद, उम्र करीब 36 वर्ष, निवासी राजस्थान 2. मोहम्मद रिजवान पिता मोहम्मद शाकिर, उम्र करीब 29 वर्ष, निवासी राजस्थान के रूप में हुई है ऑडी कार सहित 17.64 लाख का मशरूका जप्त पुलिस ने कार्रवाई में 20 ग्राम एमडी ड्रग्स, 12 किलो डोडाचूरा, ऑडी कार जिसकी अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये, मोबाइल फोन एवं अन्य सामग्री जप्त की है। पुलिस के अनुसार कुल जप्त मशरूके की अनुमानित कीमत करीब 17 लाख 64 हजार रुपये है एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज, नेटवर्क की जांच जारी मामले में थाना जावद पुलिस ने अपराध क्रमांक 374/2026 दर्ज करते हुए आरोपियों के खिलाफ धारा 8/15, 22 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है। पुलिस द्वारा मामले की विवेचना की जा रही है।
पूछताछ एवं जांच के दौरान पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद मादक पदार्थ आरोपियों के पास कहां से आया और इसे कहां पहुंचाया जाना था। साथ ही पुलिस द्वारा मादक पदार्थों के स्रोत और पूरे तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में भी जांच की जा रही है पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी जावद एवं जावद पुलिस टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा
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नीमच। भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश के आह्वान पर भाजपा जिला नीमच द्वारा कांग्रेस पार्टी द्वारा राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के अपमान के विरोध में रविवार को विशाल विरोध प्रदर्शन एवं कैंडल मार्च निकाला गया।
कैंडल मार्च भारत माता चौराहा से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए प्लेटिनम चौराहा पहुंचा, जहां राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के सामूहिक गान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय गीत के सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना को लेकर जोरदार नारे लगाए।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीमती वंदना खंडेलवाल ने कहा कि वंदे मातरम् हमारे राष्ट्र के गौरव, स्वाभिमान और स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा का प्रतीक है। इसका अपमान देश के करोड़ों नागरिकों की भावनाओं का अपमान है। भारतीय जनता पार्टी राष्ट्र और राष्ट्रगीत के सम्मान के लिए सदैव सजग और प्रतिबद्ध है। हम सभी को वंदे मातरम् के गौरव और सम्मान की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए।
नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार ने कहा कि वंदे मातरम् केवल राष्ट्रीय गीत नहीं, बल्कि भारत माता के प्रति हमारी श्रद्धा और राष्ट्रभक्ति की भावना का उद्घोष है। स्वतंत्रता सेनानियों ने वंदे मातरम् के जयघोष के साथ देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। ऐसे राष्ट्रगीत का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। भाजपा कार्यकर्ता इसके सम्मान के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।
कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष श्रीमती वंदना खंडेलवाल नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती स्वाति गौरव चोपड़ा, जिला महामंत्री धनसिंह कैथवास, अशोक विक्रम सोनी, सहित जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, युवा मोर्चा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता, सभी मोर्चों के पदाधिकारी, प्रकोष्ठों के संयोजक एवं सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।भाजपा जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता, राष्ट्रभक्ति और करोड़ों देशवासियों की भावनाओं का प्रतीक है। इसके सम्मान के लिए भाजपा कार्यकर्ता सदैव प्रतिबद्ध हैं।
कार्यक्रम के दौरान पूरे मार्ग पर राष्ट्रभक्ति का वातावरण बना रहा तथा कार्यकर्ताओं ने भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष के साथ राष्ट्रीय गीत के सम्मान का संकल्प लिया।
उपरोक्त जानकारी भाजपा जिला मीडिया प्रभारी मनोज माहेश्वरी एवं जिला मीडिया सह-प्रभारी शुभम शर्मा द्वारा दी गई।
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नीमच। माननीय मुख्यमंत्री महोदय व पुलिस महानिदेशक महोदय मध्यप्रदेश द्वारा अवैध मादक पदार्थ तस्करी एवं नशे के विरूद्ध चलाये जा रहे प्रदेशव्यापी विशेष अभियान के तहत श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय जिला नीमच श्री राजेश व्यास के निर्देशन में नीमच पुलिस द्वारा मादक पदार्थ तस्करों के विरूद्व लगातार कार्यवाही की जा रही है।
श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय श्री राजेश व्यास के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीमच श्रीमति हेमलता अग्रवाल व नगर पुलिस अधीक्षक सुश्री किरण चौहान के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी नीमच केंट निरीक्षक सौरभ शर्मा के नेतृत्व में पुलिस थाना नीमचकेंट टीम को 51 लाख रूपयें मुल्य की 10 किलो 150 ग्राम अवैध मादक पदार्थ अफीम सहीत आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।
*घटना का संक्षिप्त विवरण*:-दिनांक 16.08.2026 को उनि जाकिर हुसैन मंसुरी थाना नीमचकेंट को उनके विश्वसनीय मुखबीर से सूचना प्राप्त हुई कि सुमेर राम पिता अन्नाराम विश्नोई निवासी जोधपुर राजस्थान का अपने साथ अवैध मादक पदार्थ अफीम लेकर राजस्थान तरफ जाने वाली बस के इंतजार में खडा है। जो उनि जाकिर हुसैन मंसुरी द्वारा मुखबीर सूचना पर एन.डी.पी.एस. एक्ट के नियमों का पालन कर आरोपी सुमेर राम पिता अन्नाराम विश्नोई, उम्र 43 साल, निवासी झंवर, जिला जोधपुर राजस्थान के कब्जे वाले कपडे के बेग में से कुल चार थैलियों में भरा 10.150 किलोग्राम मादक पदार्थ अफीम जप्त कर आरोपी सुरजराम के विरूद्ध पुलिस थाना नीमचकंेट पर अपराध क्रमांक 425/2026 धारा 8/18 एन.डी.पी.एस. एक्ट का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। दौराने विवेचना आरोपी सुमेर राम से जप्त अफीम के स्त्रौतो के संबंध में पुछताछ जारी है।
*नाम गिरफ्तार आरोपी*:- सुमेर राम पिता अन्नाराम विश्नोई, उम्र 43 साल, निवासी डेलु मनाडा की ढाणी, थाना झंवर, जिला जोधपुर राजस्थान
*जप्त मश्रुका*:- 10 किलो 150 ग्राम मादक पदार्थ अफीम, किमती 51 लाख रूपयंे
*महत्वपुर्ण योगदान*:- उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी नीमचकेंट निरीक्षक सौरभ शर्मा, उनि जाकिर हुसैन मंसुरी, आरक्षक अंकित मौढ, आरक्षक अल्पेश बैरागी, आरक्षक सुरेश माली, आरक्षक रामनारायण, आरक्षक भानुप्रतापसिंह का महत्वपुर्ण योगदान रहा है।
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नीमच। जिले में विकास, उद्योग और रोजगार की तस्वीर लगातार बदल रही है। लेकिन इसी विकास के बीच कुछ परिवार ऐसे भी हैं, जिनके लिए जिंदगी आज भी मूलभूत जरूरतों की लड़ाई बनी हुई है। जेतपुरिया में बांछड़ा समुदाय के लगभग 150 परिवारों की स्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं।
इन परिवारों के सामने सिर्फ आर्थिक समस्या नहीं है। शिक्षा, स्थायी रोजगार, स्वास्थ्य, सामाजिक स्वीकार्यता और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़े अनेक सवाल एक साथ खड़े हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या किसी समुदाय को उसकी सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के भरोसे छोड़ देना ही उसका भाग्य मान लिया जाए?
एक तरफ उद्योग, दूसरी तरफ जिंदगी का संघर्ष
जेतपुरिया और आसपास के क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को लेकर भी लोगों की चिंताएं सामने आती रही हैं। धुएं और पानी की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय शिकायतों की स्वतंत्र जांच और वैज्ञानिक परीक्षण जरूरी है।
सरकारी पर्यावरण दस्तावेजों में नीमच जिले के धानुका बायोटेक के 250 KLPD ग्रेन-बेस्ड फ्यूल एथेनॉल प्लांट का उल्लेख मिलता है। दस्तावेज में 6.3 मेगावाट को-जनरेशन पावर प्लांट तथा अन्य उत्पादन सुविधाओं का भी उल्लेख है।
पर्यावरणीय मंजूरी से जुड़े दस्तावेजों में औद्योगिक इकाइयों के लिए स्टैक उत्सर्जन और एफ्लुएंट की लगातार ऑनलाइन निगरानी, एयर पॉल्यूशन कंट्रोल सिस्टम तथा पर्यावरण प्रबंधन व्यवस्था जैसी शर्तों का उल्लेख किया गया है।
यहीं से एक महत्वपूर्ण सवाल पैदा होता है—क्या कागजों पर निर्धारित पर्यावरणीय मानकों का जमीनी स्तर पर भी उतना ही पालन हो रहा है?
इसका जवाब अनुमान से नहीं, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण विभाग की जांच, पानी के नमूनों की लैब रिपोर्ट और एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग के आंकड़ों से मिलना चाहिए।
150 परिवारों की कहानी—आंकड़े से ज्यादा इंसानी सवाल
स्थानीय स्तर पर इन परिवारों की संख्या करीब 150 बताई जाती है। लेकिन इस आंकड़े को भी प्रशासनिक सर्वे से प्रमाणित करना जरूरी है।
हर परिवार के पीछे एक अलग कहानी हो सकती है।
किसी घर में बच्चों की पढ़ाई का संकट होगा।
कहीं स्थायी रोजगार नहीं होगा।
कहीं स्वास्थ्य सुविधा तक पहुंच मुश्किल होगी।
और कहीं सामाजिक पहचान ही रोजगार के रास्ते में दीवार बन जाती होगी।
यदि वास्तव में इतने परिवार ऐसी परिस्थितियों में जीवन जी रहे हैं, तो यह केवल एक गांव या एक समुदाय की समस्या नहीं, बल्कि जिला प्रशासन की सामाजिक विकास नीति की परीक्षा है।
देह व्यापार की काली सच्चाई—लेकिन सवाल सिर्फ अपराध का नहीं
बांछड़ा समुदाय को लेकर सबसे संवेदनशील विषय देह व्यापार से जुड़ी सामाजिक धारणा और उसके पीछे मौजूद वास्तविक परिस्थितियां हैं।
यहां पत्रकारिता का सबसे जरूरी सवाल है—क्या देह व्यापार केवल एक आपराधिक समस्या है, या इसके पीछे गरीबी, अशिक्षा, रोजगार के अभाव और पीढ़ियों से चली आ रही सामाजिक परिस्थितियां भी जिम्मेदार हैं?
किसी महिला या परिवार को केवल उसके सामाजिक कलंक के आधार पर पहचान देना समस्या का समाधान नहीं है।
यदि किसी परिवार की महिला इस गतिविधि में शामिल होने के लिए मजबूर है, तो उसके सामने वैकल्पिक रोजगार, कौशल प्रशिक्षण, शिक्षा और आर्थिक सुरक्षा के विकल्प कितने उपलब्ध हैं—इसका जवाब व्यवस्था को देना होगा।
और यदि कहीं देह व्यापार संगठित रूप से संचालित हो रहा है, तो कानून के अनुसार कार्रवाई के साथ-साथ प्रभावित लोगों के पुनर्वास और वैकल्पिक आजीविका की व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
कीड़ों की तरह जीने को मजबूर… लेकिन कीड़े जहरीले भी हो जाते हैं
यह वाक्य सिर्फ आक्रोश नहीं, बल्कि उस मानसिक स्थिति की ओर संकेत करता है जिसमें लंबे समय तक उपेक्षित रहने वाला व्यक्ति व्यवस्था से सवाल करने लगता है।
किसी समुदाय को लगातार गरीबी और अभाव में छोड़ देना भविष्य में सामाजिक समस्याओं को और गहरा कर सकता है।
इसलिए जेतपुरिया की समस्या को केवल बांछड़ा समुदाय के चश्मे से देखने के बजाय इसे मानव विकास और सामाजिक न्याय के मुद्दे के रूप में देखना होगा।
सरकारी योजनाएं हैं, लेकिन लाभ किसे मिला?
मध्यप्रदेश सरकार के सामाजिक न्याय विभाग के पास वंचित और कमजोर वर्गों के लिए विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम उपलब्ध हैं। विभाग की वेबसाइट पर केंद्र की SMILE—Support for Marginalized Individuals for Livelihood and Enterprise जैसी पहल भी सूचीबद्ध है।
इसके अलावा शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार, आवास, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का उपयोग करके इन परिवारों की स्थिति में बदलाव लाया जा सकता है।
लेकिन असली सवाल यह है—
कितने परिवार इन योजनाओं से जुड़े?
कितने युवाओं को कौशल प्रशिक्षण मिला?
कितनी महिलाओं को वैकल्पिक रोजगार मिला?
कितने बच्चों को नियमित शिक्षा से जोड़ा गया?
कितने परिवारों का प्रशासन ने पुनर्वास अथवा सामाजिक-आर्थिक सर्वे किया?
इन सवालों के जवाब सार्वजनिक होने चाहिए।
प्रशासन के सामने 10 बड़े सवाल
1. जेतपुरिया में बांछड़ा समुदाय के कुल कितने परिवार निवास करते हैं?
2. कितने परिवारों का सामाजिक-आर्थिक सर्वे हुआ है?
3. कितने बच्चे स्कूल में पढ़ रहे हैं और कितने शिक्षा से बाहर हैं?
4. कितने युवाओं को रोजगार या कौशल प्रशिक्षण दिया गया?
5. क्या देह व्यापार से प्रभावित परिवारों के लिए कोई पुनर्वास योजना संचालित है?
6. क्या महिलाओं को वैकल्पिक रोजगार के लिए आर्थिक सहायता दी गई?
7. धुएं और पानी की गुणवत्ता को लेकर कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं?
8. संबंधित औद्योगिक इकाइयों के उत्सर्जन और पानी के नमूनों की हालिया जांच रिपोर्ट क्या कहती है?
9. क्या स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में विशेष स्वास्थ्य सर्वे कराया?
10. अगले पांच वर्षों के लिए इन परिवारों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान की क्या कार्ययोजना है?
अब दया नहीं, अधिकार की जरूरत
जेतपुरिया के इन परिवारों को किसी की सहानुभूति भर नहीं चाहिए। उन्हें चाहिए शिक्षा का अधिकार, रोजगार का अवसर, स्वास्थ्य सुविधा, स्वच्छ वातावरण और सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर।
देह व्यापार जैसी गंभीर सामाजिक समस्या का समाधान केवल छापेमारी से नहीं होगा। यदि इसके पीछे आर्थिक और सामाजिक मजबूरियां हैं, तो उन मजबूरियों को खत्म करना होगा।
इसी तरह प्रदूषण की शिकायतों का समाधान आरोप-प्रत्यारोप से नहीं, बल्कि वैज्ञानिक जांच और सार्वजनिक रिपोर्ट से होना चाहिए।
सबसे बड़ा सवाल
एक तरफ हम विकास, औद्योगिकीकरण और रोजगार की बात करते हैं। दूसरी तरफ यदि उसी क्षेत्र के कुछ परिवार बुनियादी सुविधाओं और सम्मानजनक जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हों, तो विकास की तस्वीर अधूरी है।
जेतपुरिया के करीब 150 परिवारों का सवाल सिर्फ उनका अपना सवाल नहीं है। यह सवाल है कि विकास की दौड़ में पीछे छूट गए लोगों को कौन साथ लेकर चलेगा? जेतपुरिया में बांछड़ा समुदाय के परिवारों का उद्धार कब होगा? यह सवाल अब सिर्फ समाज से नहीं, प्रशासन से जवाब मांगता है।
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आजादी महोत्सव के पावन पर्व पर मुसाफिर म्यूजिकल ग्रुप नीमच द्वारा एक रंगारंग देश भक्ति गीतों का कार्यक्रम जरा याद करो कुर्बानी का आयोजन 40 कैम्स कॉर्नर चौराहे पर दोपहर 1:00 बजे किया गया जिसमें मुसाफिर ग्रुप के सभी नॉन प्रोफेशनल कलाकारों ने एक से बढ़कर एक देशभक्ति गीतों की प्रस्तुतियां देकर आजादी महोत्सव मनाया कार्यक्रम का प्रारंभ भारत माता को माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित सीआरपीएफ के रिटायर्ड असिस्टेंट कमांडेंट मोहन सिंह जी पवार ग्रुप परामर्श दाता राजेंद्र जी शर्मा श्रीपाल जी मानव मुसाफिर ग्रुप एडमिन खजानसिंह पवार द्वारा भारत माता को माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया इसके पश्चात आजादी महोत्सव के शानदार देशभक्ति गीतों को प्रस्तुत किया गया कार्यक्रम में उपस्थित श्रोताओं ने मुसाफिर म्यूजिकल ग्रुप द्वारा आयोजित कार्यक्रम की सराहना की तथा इसी बीच शानदार बारिश के चलते हुए भी कार्यक्रम को निरंतर जारी रहते हुए आजादी महोत्सव का जश्न मनाते रहे और उपस्थित श्रोता भी इस जश्न में उनके साथ झूम नाचे कार्यक्रम मुसाफिर ग्रुप एडमिन खजानसिंह पवार के नेतृत्व में आयोजित किया गया ग्रुप एडमिन खजानसिंह पवार द्वारा दी गई जानकारी अनुसार मुसाफिर म्यूजिकल ग्रुप पिछले 5 वर्षों से निरंतर संगीतमय कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर करता चला आ रहा है जिसमें सभी कलाकार नॉन प्रोफेशनल कलाकार है और एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुतियों से श्रोताओं का मन मोह लेते हैं..
ग्रुप सदस्य एवं गीत
मुसाफिर म्यूजिकल ग्रुप के
एडमिन खजानसिंह पवार द्वारा गीत मेरे देश की धरती सोना उगले और मेरा रंग दे बसंती चोला
राजेंद्र रोकड़े द्वारा कर चले हम फिदा और मेरे देश प्रेमियों
राजेश सेन द्वारा होठों पर सच्चाई रहती है और सलाम उन शहीदों को
राजेंद्र जी शर्मा द्वारा मेरा रंग डे बसंती चोला
प्रभु लाल जी द्वारा आरंभ है प्रचंड है और ए मेरे प्यारे वतन
अरविंद पोरवाल द्वारा ऐसा देश है मेरा
भारत घावरी द्वारा दुल्हन चली और चना जोर गरम
योगेश गहलोत द्वारा छोड़ो कल की बातें और है प्रीत जहां की
दीपक ओझा द्वारा अब के बरस और तू मेरा कर्मा
प्रभा बैरागी द्वारा देश रंगीला रंगीला
सुनीता यादव द्वारा ए मेरे वतन के लोगों
योगेश शर्मा द्वारा ऐसा देश है मेरा और संदेशे आते हैं
राकेश मालानी द्वारा जहां डाल-डाल पर और मेरा मुल्क मेरा देश
विजय चौहान द्वारा दुल्हन चली और मेरे देश प्रेमियों
श्रीपाल जी मानव द्वारा तिरंगे का गीत
नन्हे मुसाफिर हार्दिक द्वारा नन्ना मुन्ना राही हूं
मलिक बोहरा द्वारा शानदार गीत संदेशे आते हैं हमें तड़पाते हैं
वेलफेयर सोसाइटी के सदस्य मीनू लालवानी द्वारा ग्रुप को उद्बोधन के माध्यम से शुभकामनाएं प्रेषित की इसी के साथ-साथ ग्रुप सदस्य द्वारा और भी कहीं बेहतरीन देश भक्ति गीतों को पेश कर मुसाफिर ग्रुप ने भारत माता चौराहे पर शानदार आयोजन कर आजादी महोत्सव मनाया कार्यक्रम के चलते हुए उपस्थित सभी लोगों व श्रोताओं को फल वितरण किए गए और अंत में ग्रुप के सभी सदस्यों ने मिलकर यह देश है वीर जवानों का मस्तानों का गीत नाच कर झूमकर आजादी महोत्सव को धूमधाम से मनाया कार्यक्रम के अंत में ग्रुप संचालन विजय चौहान द्वारा आभार व्यक्त किया गया और अंत में ग्रुप के एडमिन खजानसिंह पवार द्वारा उपस्थित श्रोताओं सदस्यों का आभार व्यक्त किया
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नीमच। प्रदेश में दुकान, होटल, शॉपिंग मॉल सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों को अधिक समय तक संचालित करने की अनुमति देने की व्यवस्था के बीच नीमच में श्रमिकों के काम के घंटे को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक ओर कारोबार को 24 घंटे तक संचालित करने की अनुमति की बात हो रही है, वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों से 10 से 12 घंटे तक काम लिए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
सामान्य श्रम व्यवस्था में 8 घंटे प्रतिदिन और सप्ताह में 6 दिन के हिसाब से 48 घंटे कार्य की सीमा महत्वपूर्ण मानी जाती है। निर्धारित सीमा से अधिक काम की स्थिति में लागू श्रम कानूनों के अनुसार ओवरटाइम, भुगतान और अन्य वैधानिक प्रावधानों का पालन आवश्यक होता है।
उद्योग चले 24 घंटे, कर्मचारी नहीं!
व्यवसायिक प्रतिष्ठान या औद्योगिक इकाई लंबे समय तक संचालित हो सकती है, लेकिन इसका सीधा अर्थ यह नहीं कि एक ही कर्मचारी से लगातार उतने ही घंटे काम कराया जाए। इसके लिए शिफ्ट व्यवस्था, साप्ताहिक अवकाश, विश्राम अंतराल और ओवरटाइम के नियमों का पालन जरूरी है।
नीमच में यही व्यवस्था सवालों के घेरे में है।
इथेनॉल और सोया प्लांटों में 12 घंटे की ड्यूटी का आरोप
नीमच के इथेनॉल प्लांट, सोया प्लांट और झंझारवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को लेकर आरोप हैं कि कई स्थानों पर उनसे 12 घंटे तक ड्यूटी कराई जाती है। यदि ये शिकायतें सही हैं तो यह गंभीर श्रम संबंधी विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है।
श्रमिकों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि किसी कर्मचारी से निर्धारित समय से अधिक काम लिया जा रहा है, तो क्या उसका ओवरटाइम भुगतान, साप्ताहिक अवकाश और अन्य वैधानिक अधिकार सुनिश्चित किए जा रहे हैं?
रिकॉर्ड की जांच हो तो सामने आएगी हकीकत?
श्रम विभाग यदि औचक निरीक्षण करे और संबंधित औद्योगिक इकाइयों के अटेंडेंस रजिस्टर, बायोमेट्रिक रिकॉर्ड, शिफ्ट चार्ट, वेतन पर्ची, ओवरटाइम रजिस्टर और साप्ताहिक अवकाश के रिकॉर्ड की जांच करे, तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
सवाल यह भी है कि औद्योगिक क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण किस स्तर पर हो रहा है और कर्मचारियों द्वारा की जा रही शिकायतों पर कितनी गंभीरता से कार्रवाई की जा रही है?
उद्योगों का विकास जरूरी, लेकिन श्रमिकों की कीमत पर नहीं
नीमच में उद्योग आएं, रोजगार बढ़े और आर्थिक गतिविधियों को गति मिले—यह शहर के विकास के लिए जरूरी है। लेकिन उद्योगों की तरक्की श्रमिकों के अधिकारों की कीमत पर नहीं होनी चाहिए।
अगर 24 घंटे उद्योग या प्रतिष्ठान संचालित करने की जरूरत है तो शिफ्ट में पर्याप्त कर्मचारियों की नियुक्ति होनी चाहिए। एक कर्मचारी से लगातार 12 घंटे काम लेकर उत्पादन बढ़ाना किसी भी स्थिति में श्रमिक हित में नहीं माना जा सकता, खासकर जब वैधानिक कार्य-घंटों और ओवरटाइम के प्रावधान लागू होते हों।
श्रम विभाग के सामने अब सबसे बड़ा सवाल
नीमच के इथेनॉल प्लांट, सोया उद्योगों और झंझारवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र में 12 घंटे की ड्यूटी की शिकायतों की जांच कब होगी?
क्या श्रम विभाग औचक निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करेगा कि कर्मचारियों से निर्धारित सीमा से अधिक काम तो नहीं लिया जा रहा? क्या ओवरटाइम का नियमानुसार भुगतान हो रहा है? और क्या प्रत्येक कर्मचारी को उसका साप्ताहिक अवकाश मिल रहा है?
अब समय है कि कागजों में दर्ज श्रम नियमों और जमीन पर श्रमिकों की वास्तविक स्थिति के बीच का अंतर खत्म हो।
उद्योग 24 घंटे चले, लेकिन श्रमिकों के अधिकार 24 घंटे कुचले नहीं जाने चाहिए।
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नीमच, 13 अगस्त 2026, जिले में स्वतंत्रता दिवस समारोह की सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-2, नीमच के मैदान पर आयोजित किया जाएगा।
स्वतंत्रता दिवस समारोह का अंतिम पूर्वाभ्यास (रिहर्सल) गुरुवार को शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-2 के मैदान पर संपन्न हुआ। जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव एवं एएसपी श्रीमती हेमलता अग्रवाल ने समारोह में होने वाली परेड के अंतिम पूर्वाभ्यास का अवलोकन किया।
पूर्वाभ्यास के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव एवं एएसपी श्रीमती हेमलता अग्रवाल ने जीप पर सवार होकर परेड का निरीक्षण किया तथा विभिन्न परेड टुकड़ियों के कमांडरों से परिचय प्राप्त किया। समारोह में एसएएफ, जिला पुलिस बल पुरुष एवं महिला, वन विभाग, एनसीसी, स्काउट, शौर्या दल एवं होमगार्ड के दल भाग लेंगे। साथ ही जिला पुलिस बैंड एवं सीआरपीएफ बैंड भी अपनी प्रस्तुति देंगे।
पूर्वाभ्यास के दौरान विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने सामूहिक पीटी प्रदर्शन किया। इसके साथ ही पांच विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।
मुख्य समारोह में 15 अगस्त 2026 को मुख्य अतिथि कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण करेंगे तथा परेड की सलामी लेंगे। समारोह में विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के स्वतंत्रता दिवस संदेश का भोपाल से सीधा प्रसारण भी किया जाएगा।
अंतिम पूर्वाभ्यास के दौरान एडीएम श्री बी.एस. कलेश, एसडीएम श्री पराग जैन, डिप्टी कलेक्टर श्री चंद्रसिंह धार्वे, श्रीमती मयूरी जौक, सुश्री श्रुति भयडि़या सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
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नीमच 13 अगस्त 2026, जिले में अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भण्डारण का निवारण) नियम, 2022 के तहत चार अलग-अलग प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए संबंधित वाहन मालिकों पर कुल एक लाख 3 हजार 39 रुपये की शास्ति अधिरोपित की है। यह कार्रवाई जिला खनिज अधिकारी द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदनों के आधार पर की गई।
जिला खनिज अधिकारी के अनुसार 8 अगस्त 2026 को तहसील नीमच के बघाना में जांच के दौरान महिद्रा 475 ट्रैक्टर (क्रमांक MP44ZB0825) से रेत का अवैध परिवहन करते हुए पाया गया। इस प्रकरण में वाहन मालिक शैलेन्द्र कुमार पिता रामगुलाम चौरसिया, निवासी 24 जवाहर नगर विस्तार नीमच पर रॉयल्टी की 15 गुना राशि 5 हजार 625 रुपये तथा 25 हजार रुपये पर्यावरण क्षतिपूर्ति सहित कुल 30 हजार 625 रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई।
इसी प्रकार 7 अगस्त 2026 को तहसील नीमच के ग्राम चेनपुरा में जांच के दौरान ट्रैक्टर (क्रमांक MP44AA1952) से खण्डा पत्थर का अवैध परिवहन करते हुए पाया गया। इस प्रकरण में वाहन मालिक संपतबाई पति कैलाश बावरी निवासी ग्राम सुवाखेडा तहसील जावद पर रॉयल्टी की 15 गुना राशि 2 हजार 700 रुपये तथा 10 हजार 714 रुपये पर्यावरण क्षतिपूर्ति सहित कुल 13 हजार 414 रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई।
इसी प्रकार 7 अगस्त 2026 को तहसील जावद के ग्राम सुवाखेडा में जांच के दौरान ट्रैक्टर (क्रमांक MP44ZB5215) से गिट्टी का अवैध परिवहन करते हुए पाया गया। इस प्रकरण में वाहन मालिक दीपक कुमार पिता कन्हैयालाल सेन निवासी बडा मंदिर नयागांव तहसील जावद पर रॉयल्टी की 15 गुना राशि 3 हजार 600 रुपये तथा 25 हजार रुपये पर्यावरण क्षतिपूर्ति सहित कुल 28 हजार 600 रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई।
एक अन्य प्रकरण में 4 अगस्त 2026 को तहसील जावद के ग्राम जावद में जांच के दौरान ट्रैक्टर (क्रमांक MP44AA6019) से खण्डा पत्थर का अवैध परिवहन करते हुए पाया गया। इस प्रकरण में वाहन मालिक जगदीश कुमार पिता उदयराम प्रजापत निवासी ग्राम सुवाखेडा तहसील जावद पर रॉयल्टी की 15 गुना राशि 5 हजार 400 रुपये तथा 25 हजार रुपये पर्यावरण क्षतिपूर्ति सहित कुल 30 हजार 400 रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई।
कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने निर्देश दिए हैं कि अधिरोपित शास्ति राशि निर्धारित अवधि में शासकीय कोष में जमा कराई जाए। राशि जमा होने के उपरांत नियमानुसार जब्त वाहनों को मुक्त किया जाएगा। निर्धारित समयावधि में राशि जमा नहीं होने की स्थिति में संबंधितों के विरुद्ध प्रचलित प्रावधानों के अनुसार भू-राजस्व की भांति वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
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नीमच, 13 अगस्त 2026। शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर कन्या छात्रावास क्रमांक-01, नीमच में भोजन व्यवस्था संबंधी छात्राओं की शिकायत पर कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने छात्रावास अधीक्षिका श्रीमती मीनाक्षी जयंंत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
छात्राओं द्वारा 21 जुलाई 2026 को भोजन व्यवस्था संबंधी शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत के आधार पर छात्रावास का निरीक्षण कर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। जांच के बाद अधीक्षिका से स्पष्टीकरण मांगा गया, जिसे संतोषप्रद नहीं पाया गया।
कार्य के प्रति लापरवाही एवं उदासीनता को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्र ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-09 के अंतर्गत अधीक्षिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला संयोजक, जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग, नीमच कार्यालय निर्धारित किया गया है।
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नीमच। सांदीपनि विद्यालय केवल ईंट-पत्थरों से बनने वाला एक और भवन नहीं है। यह नीमच की आने वाली पीढ़ियों की शिक्षा, संस्कार, प्रतिभा और भविष्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सपना है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जिस शहर के भविष्य को संवारने के लिए करोड़ों रुपए की योजना बनाई जा रही है, क्या उसी शहर में इस विद्यालय के लिए उपयुक्त जमीन नहीं जुटाई जा सकती?
नीमच में सांदीपनि विद्यालय के लिए भूमि चयन का मामला लंबे समय से उलझा हुआ था। पहले अलग स्थान पर भूमि का चयन हुआ, फिर विवाद सामने आया और अंततः शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-2 परिसर में निर्माण का रास्ता साफ होने की जानकारी सामने आई। करीब 39.23 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक सुविधाओं से युक्त सांदीपनि विद्यालय बनाए जाने की बात कही गई है।
लेकिन अब एक नया और बेहद महत्वपूर्ण सवाल सामने खड़ा है—क्या सांदीपनि विद्यालय के लिए शहर का खेल मैदान ही अंतिम विकल्प है?
विद्यालय भी चाहिए और खेल मैदान भी
शिक्षा किसी भी समाज की रीढ़ है, लेकिन खेल भी बच्चों के सर्वांगीण विकास का उतना ही महत्वपूर्ण आधार है। नीमच जैसे शहर में जहां बच्चों और युवाओं के लिए बड़े खेल मैदान सीमित हैं, वहां उपलब्ध खेल परिसर को बचाए रखना भी उतना ही जरूरी है।
मैदान बचाओ समिति ने हाल ही में क्रमांक-2 परिसर को लेकर कई सवाल उठाए हैं। समिति का दावा है कि परिसर पीएम श्री विद्यालय से जुड़ा है और वहां हाल में सरकारी राशि से निर्माण कार्य भी हुए हैं। समिति ने सांदीपनि विद्यालय के लिए वैकल्पिक सरकारी भूमि तलाशने की मांग उठाई है।
आखिर जमीन जुटाने में परेशानी क्या है?
जब सरकार 39 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से एक आधुनिक विद्यालय बनाने का संकल्प ले सकती है, तो क्या उसके लिए ऐसी जमीन तलाशना संभव नहीं है जहां—
बच्चों को आधुनिक शिक्षा मिल सके,
पर्याप्त खेल मैदान बचा रहे,
वर्तमान विद्यालय प्रभावित न हो,
पहले से बने सरकारी निर्माण को तोड़ने की नौबत न आए,
और आने वाले दशकों तक विस्तार की गुंजाइश बनी रहे?
नीमच को सांदीपनि विद्यालय चाहिए, लेकिन नीमच को उसका खेल मैदान भी चाहिए।
आज का फैसला, आने वाली पीढ़ियों का भविष्य तय करेगा
आज जमीन का फैसला शायद केवल एक प्रशासनिक निर्णय दिखाई दे, लेकिन आने वाले समय में यही फैसला हजारों विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित कर सकता है।
यदि शहर में कोई अन्य उपयुक्त शासकीय भूमि उपलब्ध है, तो उसका गंभीरता से परीक्षण क्यों नहीं किया जाना चाहिए? यदि जमीन उपलब्ध नहीं है, तो प्रशासन को सार्वजनिक रूप से यह बताना चाहिए कि नीमच में सांदीपनि विद्यालय के लिए वैकल्पिक स्थान तलाशने के प्रयास कहां तक पहुंचे और किन-किन स्थानों पर विचार किया गया।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से सीधा सवाल
नीमच की जनता यह जानना चाहती है—
क्या सांदीपनि विद्यालय के लिए ऐसी जमीन नहीं मिल सकती, जिससे शिक्षा का सपना भी पूरा हो और खेल का मैदान भी सुरक्षित रहे?
क्या शहर के भविष्य के लिए कुछ अतिरिक्त प्रयास नहीं किए जा सकते?
क्या करोड़ों रुपए की इस परियोजना को ऐसी जगह नहीं बनाया जा सकता जहां किसी मौजूदा शैक्षणिक या खेल व्यवस्था का नुकसान न हो?
सांदीपनि विद्यालय की स्थापना में देरी नहीं होनी चाहिए। लेकिन जल्दबाजी में ऐसा निर्णय भी नहीं होना चाहिए, जिसके कारण आने वाली पीढ़ियां पूछें कि “जब शहर के पास विकल्प तलाशने का समय था, तब भविष्य के लिए बेहतर फैसला क्यों नहीं लिया गया?”
नीमच को शिक्षा भी चाहिए, खेल भी
श्रीकृष्ण के गुरु महर्षि सांदीपनि के नाम पर बनने वाला विद्यालय ज्ञान और संस्कार का केंद्र होना चाहिए। इसलिए उसकी नींव केवल मजबूत भवन पर नहीं, बल्कि दूरदर्शी सोच और जनहित के संतुलित निर्णय पर रखी जानी चाहिए।
सवाल सांदीपनि विद्यालय का विरोध करने का नहीं है। सवाल यह है कि सांदीपनि विद्यालय ऐसा बने कि नीमच का भविष्य भी संवर जाए और नीमच के बच्चों का वर्तमान भी सुरक्षित रहे।
क्योंकि जमीन केवल जमीन नहीं होती—
वह आने वाली पीढ़ियों की विरासत होती है।
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नीमच। छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से छात्र राजनीति की शुरुआत करने वाले मनीष शर्मा को मेरा युवा भारत (नेहरू युवा केंद्र, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार) जिला नीमच में सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति नीमच-मंदसौर-जावरा संसदीय क्षेत्र के सांसद सुधीर गुप्ता की ओर से भाजपा जिला अध्यक्ष वंदना खंडेलवाल, नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार, जावद विधायक ओमप्रकाश सकलेचा एवं मनासा विधायक माधव मारू की अनुशंसा पर की गई है।
मनीष शर्मा पिछले 12 वर्षों से छात्र राजनीति में सक्रिय रहे हैं। इसके बाद वे भारतीय जनता पार्टी संगठन से जुड़े और लगातार सामाजिक एवं सेवा कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। छात्र जीवन से लेकर अब तक उन्होंने गांव-गांव पहुंचकर युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच अपनी पहचान बनाई है। वे भाजपा युवा मोर्चा जिला कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष का दायित्व भी संभाल चुके हैं।
शर्मा की नियुक्ति की खबर सामने आते ही समर्थकों और शुभचिंतकों में उत्साह का माहौल बन गया और उन्हें बधाई देने वालों का सिलसिला शुरू हो गया। युवाओं के बीच सक्रिय मनीष शर्मा की इस नियुक्ति को जिले में युवा नेतृत्व को नई ऊर्जा मिलने के रूप में देखा जा रहा है।
अपनी नियुक्ति पर मनीष शर्मा ने सांसद सुधीर गुप्ता सहित भाजपा के वरिष्ठ नेतृत्व एवं सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो दायित्व सौंपा गया है, उसका पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करते हुए युवाओं को संगठन एवं राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास करेंगे।
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भारत की आध्यात्मिक परंपरा हजारों वर्षों की उस विराट चेतना का नाम है, जिसने संसार को केवल धर्म का मार्ग ही नहीं दिखाया, बल्कि जीवन को सत्य, तप, त्याग, करुणा, सेवा और आत्मानुशासन से जोड़ने की दृष्टि भी दी। इसी महान परंपरा में संतों और आचार्यों ने समय-समय पर समाज का मार्गदर्शन किया है। वर्तमान समय में सनातन संस्कृति की इसी चेतना को अपने तप, साधना, विचार और कर्म के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने वाले संतों में निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज का व्यक्तित्व विशिष्ट स्थान रखता है।
स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज का जीवन केवल आध्यात्मिक साधना का जीवन नहीं, बल्कि सनातन परंपरा के मूल्यों को वर्तमान पीढ़ी से जोड़ने का निरंतर प्रयास है। उनके व्यक्तित्व में एक ओर जहां कठोर साधक की दृढ़ता दिखाई देती है, वहीं दूसरी ओर एक संत की सहजता, विनम्रता और आत्मीयता भी दिखाई देती है।
तप और साधना को बनाया जीवन का आधार
संत परंपरा में साधना का अर्थ केवल पूजा-पाठ या धार्मिक अनुष्ठान नहीं है। साधना स्वयं को अनुशासन में ढालने, इंद्रियों पर नियंत्रण रखने और अपने जीवन को उच्च उद्देश्य के लिए समर्पित करने की प्रक्रिया है। स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज का जीवन इसी साधना-परंपरा का सशक्त उदाहरण माना जाता है।
विशेष रूप से सावन के पवित्र मास में उनकी कठोर साधना श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक आकर्षण का केंद्र बनती है। लंबे समय तक एक ही आसन पर रहकर साधना, मौन, भगवान शिव की उपासना और रुद्राभिषेक जैसे अनुष्ठानों के माध्यम से वे शिव आराधना को लोककल्याण की भावना से जोड़ते हैं।
उनकी साधना का मूल संदेश यही है कि धर्म केवल व्यक्तिगत आस्था नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का भी बोध कराता है।
शिव आराधना में राष्ट्रकल्याण की भावना
स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज की धार्मिक साधना में भगवान शिव के प्रति अनन्य भक्ति दिखाई देती है। सावन के दौरान उनके द्वारा किए जाने वाले रुद्राभिषेक और धार्मिक अनुष्ठानों में राष्ट्र की सुख-शांति, जनकल्याण और सनातन संस्कृति की समृद्धि की कामना प्रमुख रहती है।
भगवान शिव भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में त्याग, तप, करुणा और संहार के माध्यम से सृजन के प्रतीक माने जाते हैं। स्वामी जी की शिव साधना इसी व्यापक आध्यात्मिक दृष्टि से जुड़ी दिखाई देती है।
उनके लिए शिव आराधना केवल मंदिर की सीमाओं तक सीमित नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर के अंधकार को दूर कर सकारात्मक चेतना जगाने का माध्यम भी है।
निरंजनी अखाड़े की गौरवशाली परंपरा के संवाहक
अखाड़ों की परंपरा भारतीय सनातन संस्कृति की विशिष्ट पहचान है। इन अखाड़ों ने सदियों से धर्म, अध्यात्म और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज निरंजनी अखाड़े की गौरवशाली संत परंपरा से जुड़े हुए हैं। आचार्य महामंडलेश्वर के रूप में उनका दायित्व केवल धार्मिक नेतृत्व तक सीमित नहीं, बल्कि संत परंपरा के आदर्शों को समाज के सामने जीवंत रखना भी है।
उनकी वाणी और साधना में परंपरा और आधुनिकता का एक संतुलित समन्वय दिखाई देता है। वे सनातन संस्कृति को उसकी मूल भावना के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते हैं, साथ ही आधुनिक संचार माध्यमों के जरिए आध्यात्मिक संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में भी सक्रिय दिखाई देते हैं।
युवाओं को सनातन से जोड़ने का प्रयास
आज का युवा डिजिटल युग में जी रहा है। उसके सामने दुनिया भर की सूचनाएं उपलब्ध हैं, लेकिन इसी के साथ अपनी जड़ों और सांस्कृतिक पहचान को समझने की चुनौती भी है।
स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज की विशेषता यह है कि उनकी आध्यात्मिक गतिविधियां केवल पारंपरिक सीमाओं तक सिमटी हुई नहीं हैं। उनके प्रवचन, साधना और धार्मिक अनुष्ठान डिजिटल माध्यमों से भी बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचते हैं।
देश-विदेश में बैठे श्रद्धालु उनके धार्मिक अनुष्ठानों और साधना से ऑनलाइन जुड़ते हैं। यह बदलते समय में संत परंपरा के नए स्वरूप का संकेत है—जहां आश्रम और मंदिर के साथ डिजिटल माध्यम भी आध्यात्मिक संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।
शालीनता और सहजता है व्यक्तित्व की विशेष पहचान
किसी संत का प्रभाव केवल उसकी विद्वत्ता या साधना से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार से भी निर्मित होता है। स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज के व्यक्तित्व की उल्लेखनीय विशेषता उनकी सहजता और शालीनता है।
उनकी कठोर साधना और सहज व्यवहार का यह संयोजन श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित करता है। उनके पास आने वाला व्यक्ति केवल धार्मिक आशीर्वाद की अपेक्षा लेकर नहीं आता, बल्कि एक आध्यात्मिक ऊर्जा और आत्मीयता का अनुभव भी करता है।
यही कारण है कि उनके दर्शन के लिए विभिन्न क्षेत्रों और देशों से लोग पहुंचते हैं। उनके आसपास दिखाई देने वाली श्रद्धा केवल किसी धार्मिक आयोजन की भीड़ नहीं, बल्कि संत और समाज के बीच बने भावनात्मक एवं आध्यात्मिक संबंध का प्रतिबिंब है।
दक्षिण काली मंदिर बना साधना का प्रमुख केंद्र
हरिद्वार की आध्यात्मिक भूमि सदियों से साधकों और संतों की तपस्थली रही है। इसी पावन वातावरण में स्थित दक्षिण काली मंदिर से स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज की साधना और धार्मिक गतिविधियों का विशेष संबंध रहा है।
यह स्थान उनके साधना जीवन से जुड़े श्रद्धालुओं के लिए आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। विशेष पर्वों और सावन के दौरान यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या यह बताती है कि आज भी भारत में संत परंपरा के प्रति लोगों की आस्था कितनी गहरी है।
धर्म को जीवन से जोड़ने का संदेश
स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज के संदेशों का मूल भाव यह है कि सनातन धर्म को केवल पूजा और अनुष्ठान तक सीमित नहीं किया जा सकता। सनातन जीवन-पद्धति है—जिसमें माता-पिता का सम्मान, गुरु के प्रति श्रद्धा, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, समाज के प्रति जिम्मेदारी और मानवता के प्रति करुणा शामिल है।
उनकी साधना इस विचार को बल देती है कि यदि व्यक्ति अपने जीवन में संयम, सेवा और सदाचार को उतार ले तो वही वास्तविक आध्यात्मिक उपलब्धि है।
संकट के समय धर्म और समाज के बीच सेतु
आज समाज अनेक प्रकार की चुनौतियों से गुजर रहा है। भौतिक प्रगति के साथ मानसिक तनाव, सामाजिक दूरी और सांस्कृतिक विस्मृति जैसी स्थितियां भी दिखाई देती हैं। ऐसे समय में संतों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज धर्म और समाज के बीच एक सेतु की भूमिका निभाने वाले संत के रूप में दिखाई देते हैं। वे धार्मिक आस्था को सामाजिक चेतना से जोड़ने और सनातन मूल्यों को जनजीवन में पुनः स्थापित करने की आवश्यकता पर बल देते हैं।
साधना से सेवा तक
संत जीवन का अंतिम उद्देश्य केवल आत्मकल्याण नहीं, बल्कि लोककल्याण माना गया है। भारतीय ऋषि परंपरा का मूल मंत्र ही रहा है—“सर्वे भवन्तु सुखिनः।”
स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज की साधना और धार्मिक गतिविधियों में भी इसी व्यापक भावना की झलक मिलती है। राष्ट्र, समाज और मानवता के कल्याण की कामना उनकी आध्यात्मिक दृष्टि का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
यही कारण है कि उनकी साधना को केवल व्यक्तिगत तपस्या के रूप में देखने के बजाय उसे व्यापक सनातन चेतना की परंपरा से जोड़कर देखा जाना चाहिए।
परंपरा को आधुनिक युग तक पहुंचाने का प्रयास
सनातन धर्म की सबसे बड़ी शक्ति उसकी निरंतरता है। समय बदलता है, माध्यम बदलते हैं, लेकिन उसके मूल मूल्य जीवित रहते हैं। वर्तमान समय में आवश्यकता है कि इन मूल्यों को नई भाषा, नए माध्यम और नई पीढ़ी की समझ के अनुरूप समाज तक पहुंचाया जाए।
स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज की गतिविधियों में यही प्रयास दिखाई देता है। वे एक ओर परंपरागत साधना-पद्धति से जुड़े हैं, तो दूसरी ओर आधुनिक संचार माध्यमों के जरिए अपने धार्मिक संदेश को व्यापक समाज तक पहुंचाते हैं।
यह संत परंपरा के उस बदलते स्वरूप का उदाहरण है, जिसमें आध्यात्मिकता अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए समय के साथ संवाद करती है।
एक साधक, एक आचार्य और एक प्रेरणास्रोत
स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज के व्यक्तित्व को तीन शब्दों में समझा जा सकता है—साधना, संस्कार और सेवा।
साधना उन्हें आध्यात्मिक शक्ति देती है।
संस्कार उन्हें सनातन परंपरा से जोड़ते हैं।
और सेवा उन्हें समाज से जोड़ती है।
इन तीनों का समन्वय ही उनके व्यक्तित्व को प्रभावशाली बनाता है।
उनका जीवन उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो आध्यात्मिकता को केवल धार्मिक कर्मकांड के रूप में नहीं, बल्कि जीवन को बेहतर बनाने वाली शक्ति के रूप में समझना चाहते हैं।
सनातन चेतना की सतत यात्रा
भारत की आध्यात्मिक परंपरा में संत कभी केवल अपने समय के नहीं होते। उनके विचार और साधना आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा बनते हैं।
स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज का कृतित्व भी इसी व्यापक परंपरा की एक कड़ी के रूप में देखा जा सकता है। उनकी साधना, शिव आराधना, धार्मिक अनुष्ठान, आध्यात्मिक संदेश और सनातन संस्कृति के प्रति प्रतिबद्धता उन्हें वर्तमान समय में एक प्रभावशाली संत व्यक्तित्व के रूप में स्थापित करती है।
आज आवश्यकता इस बात की है कि सनातन संस्कृति को केवल अतीत की विरासत न माना जाए, बल्कि उसे वर्तमान और भविष्य की जीवन-दृष्टि के रूप में समझा जाए। इस दिशा में संतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज का जीवन इसी निरंतर चेतना का संदेश देता है—साधना स्वयं से शुरू होती है, सेवा समाज तक पहुंचती है और सनातन चेतना पूरे मानव समाज को जोड़ने का सामर्थ्य रखती है।
यही उनके व्यक्तित्व की शक्ति है।
यही उनके कृतित्व की पहचान है।
और यही उन्हें सनातन चेतना का एक प्रखर संवाहक बनाती है।
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नीमच। नीमच के साथ भी बड़ी विडम्बना रही है आए दिन संघर्ष और उसके बाद सफलता यह नीमच की तकदीर की एक तस्वीर है। 1857 की क्रांति से लेकर 2026 के इस नए भारत तक नीमच ने अपनी उपस्थिति हमेशा सशक्त रूप में ही दर्ज कराई है और आज फिर नीमच की जनता के समक्ष अपने सशक्त हस्ताक्षर करने का अवसर उपलब्ध है और हो भी क्यों ना जब शासन, प्रशासन, जनप्रतिनिधि जनहित की बात तो करें लेकिन साथ ही कुछ रसूखदारों को लाभान्वित करने की भी मंशा रखें तो फिर विरोध तो उत्पन्न होता ही है। यही विरोध के स्वर इन दिनों नीमच में देखने को मिल रहे है, मामला बहुत गंभीर है नीमच के लोगों के लिए खेल मैदान की उपलब्धता नहीं है और आने वाले भविष्य में कोई नया खेल मैदान बनाया भी नहीं जा सकता है। जिस तरह से नीमच की आबादी बढ़ रही है लोगों को सुबह और शाम अपनी शारीरिक गतिविधियों के लिए खेल मैदान की नितांत आवश्यकता रहती है ऐसे में अगर जो गिने-चुने खेल मैदान है उनके अस्तित्व पर भी संकट के बादल गहरा जाएं तो आंदोलन होना लाजमी है।
आज नीमच की जनता ने कमर कसी है नंबर 2 के खेल मैदान को बचाने के लिए।
सांदीपनि विद्यालय नीमच की एक अति महत्वपूर्ण आवश्यकता है बच्चों के विकास के लिए शासन की योजनाओं के अंतर्गत असीमित सुविधाओं के साथ जब नीमच के बच्चे पढ़ेंगे तो निःसंदेह वे आने वाले समय में कई शिक्षा माफियाओं के सपनों को चकनाचूर करेंगे, कई बड़े स्कूल प्रभावित होंगे और नीमच के विद्यार्थियों को कम फीस पर बहुत अच्छी शिक्षा प्राप्त होगी। लेकिन इसके लिए खेल मैदान ही क्यों? सांदीपनि विद्यालय के लिए नीमच में जमीनों की कोई कमी नहीं है सिर्फ आवश्यकता है तो सशक्त इरादे और मजबूत संकल्प की जो नीमच के कलेक्टर महोदय और जनप्रतिनिधियों में पहले से ही है। अब उन्हें इस मुद्दे पर जनता के साथ आगे आकर माफियाओं से जमीनों को मुक्त कराकर ऐसे बड़े और महान लक्ष्य को वहां पर पूरा करना चाहिए क्योंकि नीमच को आवश्यकता सांदीपनि विद्यालय की भी है तो खेल मैदान की भी। और एक बार अगर खेल मैदान हाथ से चला गया तो शासन प्रशासन चाह कर भी दोबारा लोगों को खेल मैदान उपलब्ध नहीं कर पाएंगे। जबकि सांदीपनि विद्यालय को बनाने का जो लक्ष्य है उसके निमित्त नीमच के क्षेत्र में आने वाले कई बड़े भूखंड जो अभी भी कब्जाधारियों के कब्जे में हैं को मुक्त कराया जाकर सांदीपनि विद्यालय का महालक्ष्य पूरा किया जा सकता है। नीमच को खेल मैदान भी चाहिए और सांदीपनि विद्यालय भी कहीं ऐसा ना हो कि एक बड़ा संघर्ष सत्ता और जनता के बीच उपस्थित हो जाए, समय रहते शासन प्रशासन के नुमाइंदों को जनता के मनों को, उनके हितों को समझना होगा। यह अपने आप में भागीरथी प्रयास ही होगा कि नीमच के ऐसे तथाकथित भूमाफियाओं के जबड़े से जमीनों को लेकर उन पर एक जनहितैषी योजना को अमली जामा पहनाया जाए।
जिले का सौभाग्य है कि जिले को एक तेजतर्रार और ईमानदार कलेक्टर हिमांशु चंद्र मिले हैं जिनकी दूरदृष्टि, इस ओर सही दिशा में काम कर सकती है। आशा की जाती है कि कलेक्टर महोदय के साथ ही जनप्रतिनिधियों का भी सकारात्मक रवैया और भूमाफियाओं से लोहा लेने का अदम साहस जनता के समक्ष परिलक्षित हो।
कोर्ट में कैस चलने का बहाना अब नहीं चलेगा नीमच के ईंट व्यवसायियों की जमीन, राठौर परिसर, विश्राम गृह के सामने का खेत और भी कई ऐसी जमीनें है जो नगर पालिका द्वारा जन हित के लिए पूरे सामर्थ्य के साथ प्रयोग में लाई जा सकती है।
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वडोदरा शहर की एलसीबी जोन 4 टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई सख्त कार्रवाई में मध्य प्रदेश से अहमदाबाद ले जाई जा रही मेफेड्रोन (एमडी) नामक भारी मात्रा में ड्रग्स जब्त की है। पुलिस ने गोल्डन चौक से लेक्सन की ओर जाने वाले एयर फोर्स गेट के सामने से गुजर रही एक स्कॉर्पियो कार को रोककर दंपति को हिरासत में लिया और कुल 57,19,630 रुपये जब्त किए। यह दंपति अंतरराज्यीय ड्रग्स की तस्करी करता था। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के सीतामऊ तालुका के सूरजनी गांव के निवासी अयूब खान मोहम्मद जमान खान और उनकी पत्नी नाज़मीन अपने निजी लाभ के लिए अवैध अंतरराज्यीय ड्रग्स तस्करी में शामिल थे। आरोपी नाज़मीन ने मेफेड्रोन ड्रग्स की एक खेप अपने शरीर पर छिपा रखी थी। यह दंपति अपनी महिंद्रा स्कॉर्पियो कार में मंदसौर से अहमदाबाद जा रहे थे। ड्रग्स की यह खेप अहमदाबाद पहुंचाई जानी थी। इस घोटाले का भंडाफोड़ एलसीबी जोन 4 टीम ने कल शाम हरनी पुलिस स्टेशन परिसर में एनडीपीएस की छापेमारी के दौरान किया। पूछताछ के दौरान पता चला कि आरोपियों ने मंदसौर के जाफर नामक व्यक्ति से 7,00,000 रुपये नकद में ड्रग्स खरीदी थी और उसे अहमदाबाद निवासी रवि को बेचना था। ड्रग्स आपूर्तिकर्ता जाफर और ग्राहक रवि दोनों ही फरार हैं, इसलिए पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने नाज़मीन के पास से 1 किलो मेफेड्रोन समेत 57.19 लाख रुपये का प्रतिबंधित सामान जब्त किया है। पुलिस ने 41,90,130 रुपये मूल्य की मेफेड्रोन ड्रग्स, 396 ग्राम और 710 मिलीग्राम मेफेड्रोन, खाली प्लास्टिक बैग, मोबाइल फोन, नकदी और 15,00,000 रुपये मूल्य की स्कॉर्पियो कार जब्त की है।
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नीमच, 1 अगस्त। शहर के ऐतिहासिक खेल मैदान को बचाने की मांग को लेकर मैदान बचाओ समिति के बैनर तले शनिवार सुबह भारत माता चौराहा (फोर जीरो) पर अनूठा प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया गया। समिति के सदस्यों, खिलाड़ियों एवं नागरिकों ने सड़क पर क्रिकेट और फुटबॉल खेलकर शासन, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों तथा आमजन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि यदि खेल मैदान समाप्त हो गए तो आने वाले समय में बच्चों और खिलाड़ियों को मजबूर होकर सड़कों पर ही खेलना पड़ेगा।
समिति ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध संदीपनी हायर सेकेंडरी स्कूल के निर्माण का नहीं, बल्कि शहर के प्रमुख खेल मैदान में स्कूल भवन बनाए जाने का है। समिति का कहना है कि शिक्षा और खेल दोनों समाज के लिए समान रूप से आवश्यक हैं। इसलिए स्कूल भवन का निर्माण किसी उपयुक्त वैकल्पिक भूमि पर किया जाए, जबकि वर्तमान खेल मैदान को खिलाड़ियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए सुरक्षित रखा जाए।
प्रदर्शन के दौरान समिति सदस्यों ने कहा कि यह मैदान वर्षों से क्रिकेट, फुटबॉल, एथलेटिक्स सहित अनेक खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। यदि इस मैदान पर निर्माण कार्य होता है तो शहर के हजारों खिलाड़ियों और युवाओं के पास अभ्यास एवं खेलकूद के लिए कोई उपयुक्त स्थान नहीं बचेगा।
समिति ने कहा कि आज सड़क पर क्रिकेट और फुटबॉल खेलना केवल एक प्रतीकात्मक संदेश है। इसका उद्देश्य जनता को जागरूक करना और शासन-प्रशासन व जनप्रतिनिधियों को यह बताना है कि यदि आज खेल मैदान नहीं बचाए गए, तो भविष्य में बच्चों को खेल के लिए सड़कें ही मैदान बनानी पड़ेंगी।
समिति ने शहरवासियों से इस जनहित की मुहिम में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या संस्था के विरोध में नहीं, बल्कि शहर की आने वाली पीढ़ियों के खेल, स्वास्थ्य और भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए चलाया जा रहा है। समिति ने दोहराया कि खेल मैदान सुरक्षित रखते हुए संदीपनी हायर सेकेंडरी स्कूल का निर्माण किसी वैकल्पिक भूमि पर किया जाए, ताकि शिक्षा और खेल—दोनों का संतुलन बना रहे।
प्रदर्शन में मैदान बचाओ समिति के पदाधिकारी, खिलाड़ी, खेल प्रेमी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे और सभी ने एक स्वर में खेल मैदान को सुरक्षित रखने की मांग दोहराई।
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नीमच। शहर में प्रवेश के प्रमुख मार्ग जेतपुरिया चौराहे के आसपास कथित रूप से संचालित देह व्यापार को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। देखने में आया है कि यहां देह व्यापार में शामिल युवतियों में कुछ नाबालिग बालिकाएं भी हैं। यह केवल अनैतिक गतिविधि का मामला नहीं बल्कि मानव तस्करी, बाल शोषण और संगठित अपराध जैसी गंभीर धाराओं से जुड़ा विषय है।
जिन बच्चियों के हाथों में किताबें और समाज का भविष्य होना चाहिए, वे कथित रूप से शोषण और अपराध के दलदल में धकेली जा रही हैं। इस मामले की गंभीरता को समझा जाए तो यह पूरे समाज और प्रशासन के लिए अत्यंत चिंताजनक स्थिति है।
देश के विभिन्न हिस्सों से नाबालिग बालिकाओं की तस्करी कर उन्हें देह व्यापार में धकेलने वाले गिरोह कई राज्यों में सक्रिय रहे हैं। ऐसे में यह आवश्यक है कि संबंधित एजेंसियां यह जांच करें कि यहां मौजूद युवतियां और बालिकाएं किन परिस्थितियों में यहां पहुंचीं, उनकी वास्तविक आयु क्या है और कहीं वे मानव तस्करी का शिकार तो नहीं हैं।
डीएनए और आयु सत्यापन सहित निष्पक्ष जांच की है आवश्यकता
सामाजिक स्तर पर यह आवश्यक है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। संदिग्ध मामलों में आयु सत्यापन, पहचान की पुष्टि तथा आवश्यकता पड़ने पर डीएनए परीक्षण जैसे वैज्ञानिक तरीकों का भी सहारा लिया जाए, ताकि यदि कोई नाबालिग या लापता बच्ची यहां पाई जाती है तो उसकी पहचान कर उसे उसके परिवार तक पहुंचाया जा सके।
सिर्फ कार्रवाई नहीं, पीड़ितों का पुनर्वास भी जरूरी
यदि कोई महिला या बालिका देह व्यापार में जबरन या मानव तस्करी के माध्यम से लाई गई है, तो उसे अपराधी नहीं बल्कि पीड़ित मानते हुए उसका सुरक्षित पुनर्वास, परामर्श, शिक्षा और कानूनी संरक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। साथ ही इस अवैध कारोबार को संचालित करने वाले गिरोह के सरगनाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी
यह केवल कानून-व्यवस्था ही नहीं बल्कि समाज की संवेदनशीलता की भी परीक्षा है। पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल संरक्षण इकाइयों और अन्य संबंधित एजेंसियों को संयुक्त अभियान चलाकर तथ्यों की जांच करनी चाहिए। साथ ही सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों को भी पीड़ितों के पुनर्वास और मानव तस्करी रोकने के प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
मामला गंभीर है सीधे-सीधे परिवार और समाज से जुड़ा हुआ, जिस भारत भूमि पर नारी को देवी का स्वरूप माना जाता है उस शक्ति के साथ यह नीचता आखिर कब तक और क्यों सहन की जानी चाहिए। यह एक यक्ष प्रश्न है आने वाले समय में जिम्मेदारों की कार्रवाई निर्धारित करेगी कि नीमच की छवि और समाज की दिशा और दशा क्या होगी।
2024
नीमच। श्री वैष्णव बैरागी समाज छात्रावास, मंदसौर के अध्यक्ष पद पर श्री नरेन्द्र जी बैरागी (अत्री माताजी) के सर्वसम्मति से मनोनयन पर वैष्णव बैरागी समाज जिला नीमच ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल एवं सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।
समाज के पदाधिकारियों एवं समाजजनों ने कहा कि श्री नरेन्द्र जी बैरागी एक सरल, मिलनसार एवं समाजसेवा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व हैं। उनके नेतृत्व में छात्रावास निश्चित रूप से शिक्षा, संस्कार, अनुशासन एवं संगठन के क्षेत्र में नई उपलब्धियाँ प्राप्त करेगा। छात्रावास समाज की अमूल्य धरोहर है, जो वर्षों से समाज के विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने हेतु बेहतर वातावरण उपलब्ध करा रहा है। ऐसे में एक दूरदर्शी एवं सक्रिय नेतृत्व छात्रावास के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
समाज ने विश्वास व्यक्त किया कि श्री नरेन्द्र जी बैरागी छात्रावास के विकास, नव निर्माण एवं विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी ट्रस्टियों, समाजजनों एवं वरिष्ठजनों के सहयोग से संगठन को नई दिशा प्रदान करेंगे। उनके नेतृत्व में छात्रावास में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार, विद्यार्थियों के लिए बेहतर व्यवस्थाएँ एवं समाजहित के अनेक रचनात्मक कार्य गति प्राप्त करेंगे।
वैष्णव बैरागी समाज जिला नीमच ने कहा कि समाज की प्रगति का आधार शिक्षा एवं संगठन है। छात्रावास जैसी संस्थाएँ समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करती हैं। ऐसे में श्री नरेन्द्र जी बैरागी का अध्यक्ष पद पर चयन पूरे वैष्णव बैरागी समाज के लिए गर्व एवं प्रसन्नता का विषय है। समाज को पूर्ण विश्वास है कि वे सभी समाजजनों को साथ लेकर पारदर्शिता, सेवा भावना एवं समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे तथा समाज की अपेक्षाओं पर पूर्णतः खरे उतरेंगे।
समस्त वैष्णव बैरागी समाज जिला नीमच की ओर से श्री नरेन्द्र जी बैरागी को पुनः हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए उनके सफल, यशस्वी एवं जनहितकारी कार्यकाल की मंगलकामना की गई।
उक्त जानकारी वैष्णव बैरागी समाज जिला नीमच की जिला मीडिया प्रभारी भानुप्रिया बैरागी द्वारा प्रदान की गई।
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नीमच। नगर पालिका परिषद नीमच ने विधायक श्री दिलीप सिंह परिहार के मुख्य आतिथ्य, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती स्वाति गौरव चोपड़ा की अध्यक्षता एवं पार्षद श्री राजेश लालवानी व राजस्व कॉलोनी विकास समिति के सदस्यों के विशेष आतिथ्य में रविवार 19 जुलाई को राजस्व कॉलोनी स्थित बगीचे में नपा द्वारा सीएमओ श्रीमती दुर्गा बामनिया के मार्गदर्शन में 12 लाख की लागत से किए गए पाथवे निर्माण का लोकार्पण, विधायक निधि एवं कालोनी वासियों के सहयोग से विकसित किए गए कुए का पूजन व पौधारोपण का कार्यक्रम आयोजित कर क्षेत्र वासियों को सौगात प्रदान की। कार्यक्रम में विधायक श्री दिलीप सिंह परिहार, नपाध्यक्ष श्रीमती स्वाति गौरव चोपड़ा व श्रीमती सुचित्रा परिहार ने पार्षद श्री राजेश लालवानी एवं वार्ड वासियों के साथ बगीचे में हुए पाथवे निर्माण एवं कुए के कार्य का लोकार्पण किया व विभिन्न प्रजाति के पौधे रोपते हुए पर्यावरण सुरक्षा का संदेश भी दिया। इस अवसर पर उपस्थित वार्ड के महिला पुरुषों ने रोपे गये पौधों की सुरक्षा का संकल्प लेते हुए उन्हें पेड़ के रूप में विकसित करने का विश्वास दिलाया।
इस अवसर पर विधायक श्री परिहार ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा करना हम सभी का दायित्व है और यह तभी संभव है जब हम सभी पौधारोपण कर उनकी सुरक्षा का भी ध्यान रखें और उन्हें पेड़ के रूप में बड़ा करें। इस अवसर पर नपाध्यक्ष श्रीमती चोपड़ा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और पर्यावरण की सुरक्षा तभी हो पाएगी जब हम पौधारोपण के साथ-साथ रौपे गए पौधों के संरक्षण की भी जिम्मेदारी लेंकर उस जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे।
इस अवसर पर वार्ड पार्षद श्री राजेश लालवानी, राजस्व कॉलोनी के श्री संजय किलेवाला, श्री अशोक अग्रवाल (एलआईसी), श्री हरीश दुआ, श्री नंद कुमार जैन( नंदू सर्राफ), श्री दर्शन सिंह गांधी,श्री अशफाक भाई बोहरा, श्री दीपू आसवानी, श्री यशवंत मोटवानी, श्री डॉक्टर जायसवाल,श्री संजय पवार, श्री मनोज अग्रवाल, श्री मनोज दुआ, श्री मधुसूदन खंडेलवाल, नगर पालिका के बगीचा शाखा प्रभारी श्री महावीर जैन,श्रीमती रजिया अहमद, श्रीमती गोदावरी लालवानी,श्रीमती अनीता अग्रवाल,श्रीमती अनीता समदानी,श्रीमती तृप्ति दुआ, श्रीमती अलका खंडेलवाल सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी व बगीचा शाखा के कर्मचारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम के दौरान राजस्व कॉलोनी वासियों ने विधायक श्री दिलीप सिंह परिहार व नपा अध्यक्ष श्रीमती चोपड़ा का राजस्व कॉलोनी के उद्यान क्रमांक 1 में नवीन पाथवे निर्माण व कुए का कार्य करवाने पर आभार व्यक्त करते हुए अभिनंदन भी किया। श्रीमती चोपड़ा ने राजस्व कॉलोनी बगीचे को खूबसूरत स्वरूप देने और उसकी बराबर देखरेख करने के लिए राजस्व कॉलोनी वासियों द्वारा गठित समिति की सराहना करते हुए कहा कि अन्य क्षेत्र के रहवासी भी इससे प्रेरणा लेकर अपने यहां के बगीचे की जिम्मेदारी संभालेंगे तो नगर पालिका उन्हें पूरा सहयोग करेगी.
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